बड़बोली रिसाली कांग्रेस, पूर्व विधायक से क्या निगम संपत्ति मामले में पूछताछ कर पायेगी?
विधायक दुर्ग ग्रामीण ने शासकीय संपत्ति ब्यौरा सार्वजनिक करने के मामले में उठाया अभूतपूर्व कदम!
अब रिसाली निगम पूरे प्रदेश के लिए आदर्श स्थापित कर बनायेगा अपना उल्लखेनीय स्थान!
पूरब टाइम्स , रिसाली , भिलाई . पिछले कुछ सालों में रिसाली व भिलाई में अवैध प्लॉटिंग व सरकारी संपत्ति पर कब्ज़ा करने की अनेक मामले सामने आये हैं . कुछ मामलों में तो तत्कालीन शहर सरकार के मंत्री यानि मेयर इन काउंसिल के सदस्यों पर भी उंगलियां उठीं . इस कार्यकाल में सरे आम , सामान्य आंखों से दिखने वाली कई अवैध प्लॉटिंग पर भी कड़ी कार्यवाही नहीं हो पाना भी निगम प्रशासन की तरफ उंगली उठाने को मजबूर करता है . लोगों के अनुसार इसका कारण , भ्रष्टाचारी अधिकारियों व अविधिक कार्य करने वाले भू माफियाओं के सिर पर रसूखदार राजनेताओं का वरद हस्त रहता था . इसी तारतम्य में यह बात भी सामने आई कि नगर निगम के अनेक वार्ड पार्षदों को अपने वार्ड में निगम की संपत्ति की जानकारी नहीं है , जिसका कारण निगम प्रशासन द्वारा उन अचल संपत्तियों का स्पष्ट ब्यौरा सार्वजनिक नहीं करना , बताया जा रहा है . अनेक समाज सेवकों ने भिलाई के खुर्सीपार , छावनी क्षेत्र व रिसाली इत्यादि की निगम की संपत्ति का ब्यौरा , संबंधित निगमों से मांगा गया परंतु उन्हें कोई जानकारी हासिल नहीं हुई. अब दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चन्द्राकर के द्वारा निगम आयुक्त के साथ राजस्व विभाग से जानकारी मंगी है . अब ऐसा लगता है कि वार्ड पार्षद अब , निगम की भूमि , उद्यान, खेल मैदान, EWS के भूखंड, जैसी सार्वजनिक संपत्ति को भू माफियाओं से बचा पायेंगे . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..
विधायक दुर्ग ग्रामीण ने नगरीय निकाय क्षेत्र के शासकीय भूखंडों को संरक्षित करने की व्यवहारिक कार्ययोजना को दिया आधार !
रिसाली निगम क्षेत्र की शासकीय भूमि और अचल संपत्ति का लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में लाने का कार्य रिसाली महापौर और पूर्व विधायक ताम्रध्वज साहू ने नहीं किया परिणाम स्वरूप रिसाली क्षेत्र का समुचित विकास बाधित हुआ और वर्तमान स्थिति में रिसाली निगम आयुक्त वार्ड वार विवरण सूचीबद्ध करने में विफल था लेकिन रिसाली निगम की यह विफलता जब विधायक ललित चंद्राकर के संज्ञान में आई तो विधायक ने प्रत्येक वार्ड में स्थिति शासकीय संपत्ति और भूखंडों का प्रमाणित ब्यौरा वार्ड वार संधारित कर वार्ड पार्षद को उपलब्ध करवाने की पहल की और निगम आयुक्त के साथ साथ राजस्व विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देशित किया जो कि अभूतपूर्व निर्णय है ।
पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की गलतियों और भू-माफियाओं को नजरअंदाज करने वाले कार्य व्यवहार पर अब लगेगा पूर्ण विराम !
शासकीय भूखंडों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जा तथा नियम विरुद्ध प्लाटिंग के अपराध पर व्याहारिक प्रशासकीय अंकुश लगाना अब तक प्रशासन के लिए संभव नहीं होता था उल्लेखनीय है कि, दुर्ग ग्रामीण विधानसभा ने पूर्व गृहमंत्री का कार्यकाल रिसाली क्षेत्र की शासकीय संपत्ति को संरक्षित करवाने के मामले में सबसे विफल कार्यकाल था । जिसका कारण पूर्व गृहमंत्री की इच्छाशक्ति की कमी और अव्यवहारिक कार्ययोजना थी लेकिन अब विधायक ललित चंद्राकर ने पार्षदों को उनके वार्ड की शासकीय संपत्ति का प्रमाणित ब्यौरा दिलवाने की पहल करके भूमि संबंधित सभी गड़बड़ियों को रोकने की व्यवहारिक कार्ययोजन को प्रारंभ कर दिया है । जिसके कारण पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के द्वारा की गई गलतियों का सुधार होगा और रिसाली क्षेत्र की शासकीय भूमि का संरक्षण संभव हो पायेगा।
रिसाली निगम के पार्षद अपने वार्ड की शासकीय संपत्ति का प्रमाणित लेखा-जोखा पारदर्शिता के दायरे में लाकर अवैध कब्जेधारियों को सबक सिखा पायेंगे!
अवैध कब्जा और अनियमित निर्माण पर अंकुश लगाना शासन के लिए बेहद अव्यवहारिक है क्योंकि जब कोई भी भूमि संबंधित अपराध करता है तब उसकी तत्काल जानकारी देने वाला प्राधिकृत जन प्रतिनिधि नहीं होता है जिसका फायदा उठाकर अवैध कब्जा करने वाले लोग शासकीय अधिकारियों से साठ गांठ शासन को नुकसान पहुंचाने में सफल हो जाते थे लेकिन अब ऐसा करना संभव नहीं होगा क्योंकि पार्षद के पास वार्ड की शासकीय संपत्ति का अधिकृत विवरण होगा जिसके आधार पर वह उद्यान, खेल मैदान, EWS के भूखंड, जैसे सार्वजनिक संपत्ति को बचा पायेंगे और जब पार्षद ऐसा नहीं करेगा तो स्थानीय लोग प्रमाणित शासकीय ब्यौरे के आधार पर गैर जिम्मेदाराना कार्य व्यवहार करने वाले पार्षद को भी प्रश्नांकित कर सकेंगे ।
भिलाई और रिसाली निगम क्षेत्र में स्थित शासकीय भूखंडों का प्रमाणित संपत्ति ब्यौरा सार्वजनिक नहीं होने लाभ अवैध कब्जेधारियों को उठाने मौका अब तक मिल रहा था लेकिन विधायक महोदयगण द्वारा संज्ञान लिए जाने से अब बदलाव आयेगा पार्षदों की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो जायेगी
अमोल मालूसरे,सामाजिक कार्यकर्ता


