भिलाई, – छत्तीसगढ़ी अस्मिता और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना इस बार 20 जुलाई रविवार को भिलाई में भव्य “जबर हरेली रैली” का आयोजन करने जा रही है। यह आयोजन राज्यव्यापी स्तर पर हो रहा है और इसे क्रांति सेना का अब तक का सबसे बड़ा सांस्कृतिक-जनजागरण अभियान माना जा रहा है।
रैली की शुरुआत भिलाई के सुपेला चौक से होगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए सिविक सेंटर पहुंचेगी। रैली में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान, बैलगाड़ी, मांदर, दफड़ा, मशालें, और नाचा-गम्मत की झलक देखने को मिलेगी।
🔹 रैली की मुख्य विशेषताएँ:
- छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, तीज-त्यौहार और पारंपरिक खेलों का जीवंत प्रदर्शन।
- सैकड़ों की संख्या में छत्तीसगढ़िया युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे।
- “हर छत्तीसगढ़िया एक – संस्कृति, भाषा और पहचान की बात” का संदेश।
- हरेली त्यौहार के बहाने अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा।
🔸 संगठन की अपील:
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख वीरेन्द्र नायक ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा –
“यह रैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति की पुनः स्थापना का आह्वान है। जो भी छत्तीसगढ़ को अपने दिल में बसाता है, वो इस रैली का हिस्सा जरूर बने। ये आंदोलन अब पहचान और अधिकार दोनों का प्रतीक बन चुका है।”
🔸 राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल:
इस मेगा कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का यह सांस्कृतिक प्रदर्शन आगामी समय में सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकता है।
🚩 जबर हरेली रैली – एक नजर में:
- 📍 स्थान: सुपेला चौक से सिविक सेंटर, भिलाई
- 📅 तारीख: रविवार, 20 जुलाई 2025
- 🕘 समय: सुबह 10:00 बजे से
- 🎉 मुख्य आकर्षण: लोक कलाकारों की प्रस्तुति, छत्तीसगढ़ी भोजन, पारंपरिक वेशभूषा
“जोहार संगवारी हो, अपन छत्तीसगढ़ ला फेर संवारव – रैली मा जरूर आहू।”
यह रैली न केवल छत्तीसगढ़ी अस्मिता का उत्सव है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का संदेश भी।


