धान से गेंदा फूल तक का सफर- बरगांव के देवानंद निषाद ने एक एकड़ में कमाए ढाई लाख

गांव बना फूलों की खेती का केंद्र

रायपुर। गेंदा की खेती से किसानों को कम लागत, कम समय (लगभग 60 दिन में फसल तैयार) और ज्यादा मुनाफे का लाभ मिलता है, क्योंकि इसकी मांग धार्मिक व सामाजिक कार्यों में हमेशा रहती है। यह अन्य फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक का काम करती है और मिट्टी की सेहत सुधारती है, जिससे मुख्य फसल भी कीटों से बचती है और एक एकड़ से एक रूपए लाख तक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है।

जीवनदायिनी महानदी के किनारे बसे ग्राम बरगांव के प्रगतिशील किसान देवानंद निषाद ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर गेंदा उत्पादन में ऐसी सफलता हासिल की है कि अब पूरा गांव रबी में फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेते हुए देवानंद पिछले दो वर्षों से गेंदा की खेती कर रहे हैं और एक एकड़ में लगभग 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।

देवानंद बताते हैं कि पहले वे रबी में धान लगाते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन होता था। 15 हजार रुपये की लागत पर उन्हें करीब 35 हजार रुपये का लाभ मिलता था। लेकिन गेंदा की खेती ने उनकी आमदनी की तस्वीर बदल दी। लगभग एक एकड़ सिंचित भूमि में 50 हजार रुपये की लागत से उन्होंने 3750 किलोग्राम फूल का उत्पादन लिया, जिसे औसतन 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचकर वर्ष भर में करीब 3 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।

More Topics

मेटा ने पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाया: कंपनी बोली- गलती से हुआ

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना...

रायपुर में 70 लाख की चोरी का खुलासा, 12 दिन पुराना रसोइया निकला मास्टरमाइंड

रायपुर के मोवा स्थित कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल के...

राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी ने जीता कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी ने स्कॉटलैंड के...

सरकारी नौकरी का झांसा देकर महिला से 1.50 लाख की ठगी

भिलाई में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक...

प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने...

इसे भी पढ़े