एक बार भगवान नारायण वैकुण्ठलोक में सोये हुए थे। उन्होंने स्वप्न में देखा कि करोड़ों चन्द्रमाओं की कांतिवाले,त्रिशूल-डमरू-धारी, स्वर्णाभरण-भूषित, सुरेन्द्र-वन्दित, सिद्धिसेवित त्रिलोचन भगवान शिव...
अग्नि के विभिन्न प्रकारों का उल्लेख कई पुराणों, वैदिक ग्रंथों और आयुर्वेदिक शास्त्रों में किया गया है। अग्नि को भारतीय दर्शन, संस्कृति, आयुर्वेद, और...