Total Users-

1,228,678

spot_img

Total Users-

1,228,678
Tuesday, May 26, 2026
spot_img

जरूरत से ज्यादा पानी पहुंचाता है सेहत को नुकसान, जानें सही मात्रा और तरीका

इस समय गर्मी अपने पूरे जोरों पर है। ऐसे में सरकार भी आए दिन लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रही है। हर रोज नई गाइडलाइंस सामने आ रही है जिसमें बताया गया है किस तरह हम लू से बच सकते हैं। ऐसे में लोग भी हीट वेव ज्यादा होने के कारण पानी को जरूरत से ज्यादा पी रहे हैं। दरअसल, हमारा शरीर लगभग 70% पानी से बना है।

एक्सपट्र्स के मुताबिक हर एक इंसान को पानी नियमित रूप से पीना चाहिए ताकि ड्राइनेस और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानी से बचा जा सके। ऐसे में लोग जोश-जोश में जरूरत से ज्यादा पी रहे हैं जो हमारे लिए बहुत हानिकारक भी साबित हो सकता है।

जी हां, पानी हमारे लिए जितना जरुरी है उतना खतरनाक भी हो सकता है। इसलिए जितनी पानी की जरूरत या सही मात्रा हो उस हिस्बा से ही पानी पीना चाहिए। इसी के साथ चलिए अब हम बताते हैं जरूरत से ज्यादा पानी से क्या नुकसान हो सकता है और आपको दिन में पानी की कितनी पात्रा सही है।

शरीर में सोडियम की कमी-

कम समय में 3 से 4 लीटर पानी पीने से हाइपोनेट्रिमिया जैसी परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है जिसमें खून के अंदर सोडियम की मात्रा कम हो जाती है। ज्यादा पानी पीने से वाटर इंटॉक्सिकेशन जैसी समस्या भी पैदा हो सकती है जिसमें खून के अंदर सोडियम की मात्रा अत्यधिक स्तर पर कम हो जाती है। सोडियम के बिना सेल के अंदर फ्लूइड अनियंत्रित हो जाता है जिससे हमारा दिमाग फूल सकता है। इस परिस्थिति में कोमा या मौत भी हो सकती है।

किडनी को नुकसान

ओवरहाइड्रेशन की वजह से हमारी किडनी को भी नुकसान होता है। दरअसल जब हम अधिक पानी पीते हैं तो इसकी वजह से आर्जिनिन वैसोप्रेसिन का प्लाज्मा स्तर कम हो जाता है। जिसका सीधा असर किडनी की कार्य क्षमता पर पड़ता है। ऐसे में अधिक पानी पीने से बचना आपके लिए बेहद जरूरी है।

डायबिटीज-

बार-बार प्यास लगना इस बीमारी का प्रमुख लक्षण है। डायबिटीज की वजह से खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे किडनी आसानी से नहीं छान पाती। यही शुगर यूरिन के साथ बाहर निकलती रहती है। इसकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। यही बार-बार प्यास लगने की वजह बनती है।

मस्तिष्क पर होने वाला असर-

अगर आपको ओवरहाइड्रेशन है तो इसकी वजह से सोडियम का कम होता लेवल ब्रेन सेल्स में सूजन पैदा हो जाती है। जब ऐसा होता है तो आपको अपनी बात रखने या कहने में दिक्कत होती है, ठीक से चल पाना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा कन्फ्यूजन की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।

क्या है पानी की सही मात्रा और तरीका?

एक्सपट्र्स की मानें तो एक व्यक्ति को प्रतिदिन 15.5 कप (3.7 लीटर) और महिलाएं 11.5 कप (2.7 लीटर) पानी का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा आयुर्वेद के अनुसार पानी हमेशा घूंट-घूंट कर पीना चाहिए। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि यह बॉडी के टेंप्रेचर के मुताबिक शरीर में पहुंचे। एक साथ ही सारा पानी पीना हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

More Topics

मारुति शोरूम के सीईओ की पीड़ित महिला ने की पिटाई

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में नेहरू नगर...

फेमिना मिस इंडिया छत्तीसगढ़ अनुष्का सोने

ओडिशा के भुवनेश्वर में हाल ही में संपन्न हुए...

 तेज धूप और थकान में भी हरा सोना से मिलती है राहत

गाँव-गाँव इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का चल रहा सिलसिला रायपुर....

एक खाद दुकान का लाइसेंस निलंबित, कई विक्रेताओं को नोटिस

धमतरी जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण...

इसे भी पढ़े