मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई पतासाजी; चार नाखून बरामद

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के वन परिक्षेत्र मरवाही में मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भालू के चार नाखून बरामद किए गए हैं। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

वन विभाग को 3 सितंबर को मरवाही वृत्त के उसाढ़ परिसर स्थित कक्ष क्रमांक 2035 में भालू के मृत होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान पता चला कि मृत भालू के पिछले दाएं पंजे के चार नाखून गायब थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की सहायता से सघन सर्च और पतासाजी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान संदिग्धों की पहचान कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

दो आरोपी गिरफ्तार, चार नाखून बरामद

वन विभाग की टीम ने सुदर्शन यादव उम्र 54 वर्ष और सूरज साहिस उम्र 20 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम बरौर को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से मृत भालू के चार नाखून बरामद कर विधिवत जब्त किए गए हैं।

वन विभाग के अनुसार दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

फेफड़ों के संक्रमण से हुई भालू की मौत

सर्च और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम की मौजूदगी में मृत भालू का पोस्टमार्टम कराया गया। पशु चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया भालू की मृत्यु का कारण तीव्र फेफड़ों का संक्रमण बताया है।

पोस्टमार्टम के बाद मृत भालू का विधिवत दाह संस्कार किया गया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी मरवाही कुमार निशांत सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

वन विभाग ने लोगों से की अपील

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के मृत पाए जाने पर उसके शव या अंगों के साथ छेड़छाड़ न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को सूचना दें।

विभाग ने स्थानीय नागरिकों से वन अपराध, अवैध शिकार या वन्यजीवों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है। विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और स्थानीय लोगों की सहभागिता से वन संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत किया जा सकता है।

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