सुनिये ! छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य नियंत्रक कार्यालय की होगी सामाजिक संपरीक्षा
जन सामान्य अपनी प्रतिक्रिया और व्यथा को सामाजिक संपरीक्षा से स्पष्ट करेंगे।
अब तक भ्रष्टाचार फलता फूलता था लेकिन अब शिकायतों का निराकरण होगा ।
विधानसभा प्रश्नोत्तरी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्वीकृत कर ली गलतियां ।
विशेष संवाददाता दुर्ग : विधानसभा कार्यवाही के प्रश्न क्रमांक 32. (क्र. 853 ) से विधायक ललित चंद्राकर ने सीधे प्रश्न किए कि, क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे की छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पारदर्शिता एवं जवाबदेही) नियम 2017″ के अध्याय 3 की कंडिका 4(2) (ग) के तहत निर्देशित सामाजिक संपरीक्षा कार्यवाही के प्रावधानों का अनुपालन किया जाता है? तथा विधायक ने अपने क्षेत्र से संबंधित उप प्रश्न (ख) से पूछा कि प्रश्नांक ‘क’ के अनुसार उत्तर यदि हां, है तो क्या जिला कलेक्टर, दुर्ग स्तर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अभिलेखों की सामाजिक संपरीक्षा करवाई जा रही है ?
विधायक ललित चंद्राकर के प्रश्न पर खाद्य विभाग ने गड़बड़ियों को चिन्हांकित कर लिया है ।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने विधायक के प्रश्न (क) का उत्तर जी हां में दिया जिसका अर्थ यह है की छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पारदर्शिता एवं जवाबदेही) नियम 2017″ के अध्याय 3 की कंडिका 4(2) (ग) के तहत अब खाद्य दुकानों की सामाजिक संपरीक्षा की जायेंगी और इसी तारतम्य में प्रश्न (ख) का उत्तर मंत्री महोदय ने दिया है कि जी हां, जिला-दुर्ग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों के अभिलेखों का सामाजिक अंकेक्षण कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि, खाद्य विभाग के संचालन कार्यवाही में सामाजिक संपरीक्षा की अहम भूमिका है । जिसके आधार पर खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रहीं गड़बड़ियों को शासन पकड़ लेता है क्योंकि उचित मूल्य दुकानों से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को खाद्य नियंत्रक के द्वारा कि जाने वाली गड़बड़ियों की जानकारी उचित मूल्य दुकान स्तर पर शासन को देने का अवसर मिल जाता है । जिसके आधार पर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित होती है और राशन आवंटन में गड़बड़ी करने वाले आसानी से पकड़ में आ जाते है ।
अब गाड़बड़ीबाज निरंकुश नहीं रहेंगे !
खाद्य नियंत्रक कार्यालय विगत भूपेश बघेल सरकार में निरंकुश होकर भ्रष्टाचार कर रहा था विशेषकर खाद्य नियंत्रक दुर्ग कार्यालय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष कृपा के आधार पर मनमानी करके जन सामान्य के राशन का बंदरबांट कर रहा था परंतु अब विधायक ललित चंद्राकर ने खाद्य नियंत्रक दुर्ग के जिम्मेदार अधिकारियों को उनकी कर्तव्य निष्ठा का पाठ पढ़ाने वाले विधानसभा प्रश्न पूछकर खाद्य आबंटन व्यवस्था सुनिश्चित करवाने वाले कानून का शत प्रतिशत अनुपालन लागू करवाने की व्यवस्था कायम कर दिया है जिसके बाद न सिर्फ दुर्ग बल्कि पूरे प्रदेश में हो रही आरोपित राशन चोरी वाली गड़बड़ी रुक जायेंगी।
अमोल मालूसरे सामाजिक कार्यकर्ता


