प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार (6 जुलाई) को भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी और महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के विशेष अवसर पर देश के प्रमुख समाचार पत्रों में एक हस्ताक्षरित लेख लिखा है। इस लेख में पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के साहस, त्याग, अद्वितीय राष्ट्रसेवा और उनकी दूरदर्शी सोच को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35(ए) को हटाना डॉ. मुखर्जी के बलिदान के प्रति देश की सबसे सच्ची श्रद्धांजलि थी। प्रधानमंत्री ने लिखा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन साहस और मां भारती के प्रति अटूट समर्पण का एक ऐसा प्रेरणादायक उदाहरण है, जिसने आधुनिक भारत के निर्माण में नींव का पत्थर रखने का काम किया। इतिहास
मुखर्जी की जयंती के अवसर पर अखबारों में प्रकाशित अपने एक हस्ताक्षरित लेख में मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा ‘‘भारत और भारतीय मूल्यों को सबसे ऊपर’’ रखा। इसके लिए उन्होंने मजबूत संस्थानों का निर्माण किया और ऐसी व्यवस्थाएं बनाईं, जो उस समय की सोच से काफी आगे थीं।
पीएम मोदी ने कहा कि मुखर्जी के जीवन के बाद के वर्षों में इस भावना का एक और उदाहरण तब देखने को मिला, जब उन्होंने ऐसे समय में भारतीय जनसंघ बनाने का निर्णय लिया, जब देश में हर तरफ कांग्रेस पार्टी का ही बोलबाला था। भारतीय जनसंघ, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पूर्ववर्ती संगठन है। छह जुलाई 1901 को जन्मे मुखर्जी का 23 जून 1953 को श्रीनगर में हिरासत के दौरान निधन हो गया था।


