‘नो हग’ राहुल गांधी के इस बयान ने इंडी गठबंधन में लाई दरार, सहयोगी दलों ने की आलोचना, बीजेपी ने ली चुटकी

विपक्षी गठबंधन एक बार फिर अंदरूनी कलह के संकट में घिर गया है। इस बार कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। विवाद की वजह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक बयान है। दरअसल, पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम के कद्दावर नेता पिनाराई विजयन को गले लगाने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद से सहयोगी दल उनकी तीखी आलोचना कर रहे हैं।

मैं गले नहीं मिल सकता
इंडी गठबंधन की 8 जून की बैठक का एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हमारी अपनी लड़ाइयां होती हैं। लेकिन अगर आप मुझसे केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाने के लिए कह रहे हैं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा, क्योंकि उनके साथ मेरी राजनीतिक लड़ाई चल रही है।”

बता दें कि केरल में सीपीएम और कांग्रेस एक-दूसरे के कड़े विरोधी हैं, जहां कांग्रेस ने हाल ही में विजयन को सत्ता से बाहर किया है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर दोनों पार्टियां एक ही गठबंधन का हिस्सा हैं।

विजयन का पलटवार
राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर पिनाराई विजयन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे बीच गले मिलने का कोई रिवाज नहीं है और उनकी बातचीत हमेशा औपचारिक हाथ मिलाने तक ही सीमित रहती है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे गले न मिलने से कोई आपत्ति नहीं है। मुझे चिंता उस टिप्पणी के पीछे छिपे राजनीतिक संदेश को लेकर है। यह राहुल गांधी के नजरिए और इंडी गठबंधन को लेकर उनकी सोच को दिखाता है।”

लेफ्ट नेताओं ने राहुल गांधी को घेरा
इस विवाद के बाद लेफ्ट पार्टियों ने कांग्रेस पर दबाव बढ़ा दिया है। सीपीएम के सीनियर नेता एमए बेबी ने कहा कि किसी ने राहुल गांधी से विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कहा था, लेकिन उन्हें विजयन की गिरफ्तारी की मांग करना बंद कर देना चाहिए। वहीं, वृंदा करात ने कड़े शब्दों में कहा, “कम्युनिस्टों को किसी से गले मिलने की जरूरत नहीं है। हमें साफ-सुथरी राजनीति चाहिए। राहुल गांधी आप अपना गले मिलना अपने पास ही रखें, लेकिन विपक्ष के नेता के तौर पर पिनराई विजयन जैसे सीनियर नेताओं का सम्मान करना सीखें।”

बीजेपी का तंज
विपक्ष की इस अंदरूनी लड़ाई पर बीजेपी ने भी तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने विपक्षी गुट को ‘सुविधा का गठबंधन’ करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “इस गठबंधन में सिर्फ फूट है, कोई मिशन नहीं है। यह गठबंधन सिर्फ कागजों पर ही दिखाई देता है, जमीन पर नहीं। ये दल फोटो खिंचवाने के लिए तो साथ आ सकते हैं, लेकिन इनके दिल कभी नहीं मिल सकते।”

More Topics

 गुजरात में छत्तीसगढ़ पर्यटन की दमदार दस्तक

ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड...

भगवान शिव पर टिप्पणी मामले में अरुण पन्नालाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर...

UCC पर डिप्टी सीएम का बड़ा बयान, ST समुदाय रहेगा दायरे से बाहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर...

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को सुलझाने के लिए हुई वार्ता बेनतीजा समाप्त हुई

उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद...

महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए !रिसाली निगम द्वारा की गई अभूतपूर्व पहल !

आंतरिक शिकायत समिति कार्यान्वयन प्रक्रिया पर कार्यशाला का आयोजन...

इसे भी पढ़े