पाकिस्तान को शायद अंदाजा भी नहीं था कि भारत अब बॉर्डर पर खतरनाक चाल चलने जा रहा है। आठ आईपीएस अधिकारी 16 गांव और दो रातें। बांग्लादेश बॉर्डर पर सख्ती के बाद अब भारत का फोकस पूरी ताकत के साथ पाकिस्तान सीमा पर आ गया है। दरअसल भारत अच्छी तरह से यह जानता है कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकवाद की चुनौती दशकों पुरानी है और यही वजह है कि अब सिर्फ चौकियों की ही नहीं बल्कि पूरे बॉर्डर इकोसिस्टम की जांच की जा रही है। लेकिन समय के साथ बता दें कि चुनौतियां भी बदल गई है।
अब सिर्फ घुसपैठ ही नहीं बल्कि ड्रोन गतिविधियां, तस्करी, संदिग्ध मूवमेंट और सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो चुकी है। उतना ही इंपॉर्टेंट है और इसके लिए ही चुना गया है भारतपाकि सीमा का सबसे ज्यादा संवेदनशील बेल्ट कच्छ सरकरीक और वाव थराद का इलाका भारत पाकिस्तान सीमा का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है।
विशाल रेगिस्तान दलदली क्षेत्र और कम आबादी वाले इलाकों की वजह से सुरक्षा एजेंसियां इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानती है। गुजरात की पाकिस्तान के साथ 500 कि.मी. से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है और यही वजह है कि यहां की जमीनी हकीकत को समझना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। लेकिन कहानी यहां पर बदल जाती है। क्योंकि इन अधिकारियों को सिर्फ बॉर्डर नहीं देखना है बल्कि उन गांवों की नब्ज़ टटोलनी है जहां दुश्मन की हर हरकत सबसे पहले महसूस होती है।


