होर्मुज में भूचाल आ चुका है। जंग फिर से कभी भी छिड़ सकती है और अब खबर है कि आईआरजीसी इस वक्त फिर से बेकाबू होती जा रही है जो सिर्फ इमाम मुस्तबा खामिनेई के इशारे पर काम कर रही है। दरअसल भारतीय जहाज पर हमले के बाद अब एक और बड़ी खबर सामने आई है और वह यह है कि चीन के जहाज को भी आईआरजीसी ने होर्मुज पार करने से रोक दिया है।
उसे साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि अगर तुरंत वो पीछे नहीं हटा तो निशाना बनाया जा सकता है। यानी अब हालत यह हो गई है कि जिस चीन को अब तक ईरान का सबसे बड़ा साझेदार माना जा रहा था उसके जहाज को भी बिना इजाजत हो होर्मुज गुजरने नहीं दिया गया। मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास की तरफ से खुद इस बात की पुष्टि की गई है कि सन प्रॉफिट नाम के चीनी जहाज को स्टेट ऑफ फोरमोस से वापस लौटना पड़ा। वजह साफ है।
आईआरजीसी ने क्लियर कर दिया है कि अब कोई भी जहाज बिना अलग-अलग मंजूरी के इस रास्ते से गुजर नहीं सकता। यानी ब्लैंकेट अप्रूवल जैसा कोई सिस्टम नहीं है। हर जहाज को अलग से क्लीयरेंस लेना होगा। इसका मतलब समझिए होर्मू अब जब पूरी तरह ईरान के कंट्रोल में है और वहां से गुजरना अब किसी भी देश के लिए आसान नहीं रह गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हो पाती। इससे पहले भारत के दो जहाजों पर फायरिंग की खबर आई थी। जिसके बाद भारत सरकार हरकत में आ गई।


