केंद्र सरकार करेगी परिसीमन को लेकर राज्यों की चिंताओं का समाधान

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून के कार्यान्वयन को लेकर कई राज्यों द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है और आश्वासन दिया है कि इसके लागू होने पर किसी भी क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि संसदीय सीटों में वृद्धि सभी राज्यों के लिए संतुलित और समानुपातिक तरीके से की जाएगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों से यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक राज्य में प्रतिनिधित्व में समान वृद्धि हो। केंद्र ने संकेत दिया है कि राज्यों में सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जिससे विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों की उन आशंकाओं का समाधान होगा कि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों को अनुचित लाभ मिल सकता है।

ये आश्वासन ऐसे समय में आए हैं जब सरकार 16 अप्रैल को संसद में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। इस विधेयक का उद्देश्य लोकसभा की सीटों की संख्या को वर्तमान 543 से बढ़ाकर लगभग 850 करना है। प्रस्तावित विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के प्रयासों का हिस्सा है। इसे संभव बनाने के लिए, केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन करने की योजना बना रही है, जिससे राज्यों से 815 और केंद्र शासित प्रदेशों से 35 तक सदस्य निर्वाचित हो सकेंगे।

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