असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए मामले में अपना कर्तव्य निभा रही थीं।
असम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि हमने खेड़ा के पीछे पुलिस को लगाया है। हम और किसे लगाएंगे? उनके पीछे उल्फा नहीं, बल्कि पुलिस पड़ी है। अगर एफआईआर है, तो उस पर कार्रवाई करना पुलिस का कर्तव्य है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि पुलिस कानून की गुलाम है, और वे एक ऐसे व्यक्ति के घर जा रहे हैं जिसका नाम मामले में है, जो कानूनी है। पुलिस को अपराधियों के घरों में जाने के लिए ही वेतन मिलता है। ये टिप्पणियां तब आईं जब खेड़ा ने मुख्यमंत्री पर सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा से जुड़े आरोपों को लेकर उनके खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। असम पुलिस ने शिकायत के बाद खेरा के दिल्ली स्थित आवास की तलाशी ली थी, लेकिन वे वहां नहीं मिले।
सरमा ने असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा और उनके परिवार की राष्ट्रीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई (जोरहाट में) अपनी मां के साथ वोट डालने गए थे, अपनी पत्नी के साथ नहीं। मैं अपनी पत्नी के साथ गया था। अगर उनकी पत्नी उनके साथ जातीं तो कितना अच्छा लगता। उन्होंने आगे कहा कि इससे मेरे ये आरोप साबित होते हैं कि वो अपने परिवार को भारतीय नहीं बना सके। ऐसा व्यक्ति हमारी सेवा कैसे कर सकता है?


