महाराष्ट्र पुलिस ने विधानसभा सत्र के दौरान फर्जी प्रवेश पास बनाने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब एक शिकायत में अनधिकृत पासों के वितरण का जिक्र किया गया। सत्र के दौरान राज्य मंत्री उदय सामंत ने भी इस मुद्दे को उठाया था। शिकायत के आधार पर, मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ने जांच की और इस रैकेट से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ मंत्रालय से जुड़े कर्मचारी हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान केशव गुंजल (53), गणपत भाऊ जावले (50), नागेश शिवाजी पाटिल (42), मनोज आनंद मोरबाले (40) और स्वप्निल रमेश तायडे (40) के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, माना जा रहा है कि और भी संदिग्ध इसमें शामिल हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
सुरक्षा में हुई चूक की जांच के दायरे में आने से जांच का दायरा बढ़ा
इस मामले ने एक महत्वपूर्ण विधायी सत्र के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि फर्जी पास कैसे बनाए गए, इस प्रक्रिया को किसने अधिकृत किया और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति के समर्थन से यह जालसाजी संभव हुई।


