Total Users- 1,159,206

spot_img

Total Users- 1,159,206

Saturday, February 14, 2026
spot_img

आर्थिक ‘ब्लैकमेल’ के मसीहा ट्रम्प की नीति समझें सरलतम शब्दों में

ट्रम्प की आर्थिक नीतियां किसी ‘वसूली भाई’ से कम नहीं हैं। उनका मंत्र है: “या तो मेरे साथ मेरी शर्तों पर व्यापार करो, या फिर घास चरने के लिए तैयार रहो।” वे शांति समझौते की शुरुआत अक्सर टैरिफ और प्रतिबंधों की धमकी से करते हैं। बातचीत के दौरान वे ऐसे पेश आते हैं जैसे वे कोई महान उपकार कर रहे हों, जबकि वास्तव में वे सामने वाले की जेब काटने की तैयारी में होते हैं। ट्रम्प की कूटनीति किसी ऐसी सेल की पंचलाइन जैसी है—”खरीदना है तो मेरी कीमत पर खरीदो, वरना आपकी दुकान ही फूंक दूंगा।” वे दुनिया को एक विशाल ‘रियल एस्टेट’ प्रोजेक्ट समझते हैं। उनका तरीका सरल है: पहले सामने वाले के घर के बाहर बुलडोजर खड़ा करो, फिर अंदर जाकर सोफे पर बैठो और कहो, “चलिए, शांति की बात करते हैं।” उनकी बातचीत का मतलब चर्चा नहीं, बल्कि अपनी शर्तों की ‘डिलीवरी’ लेना है। अगर आप उनकी बात मान लें, तो वे आपको ‘महान मित्र’ कहेंगे, और अगर न मानें, तो सीधे टैरिफ का परमाणु बम फोड़ देंगे। उनके लिए शांति का मतलब है कि पूरी दुनिया एक साथ ‘यस सर’ बोले, और जो न बोले, उसे वे ट्विटर (अब X) पर आर्थिक रूप से नॉक-आउट कर दें या फिर अमेरिका के सैन्य हमले की धमकी दें। मुझे तो वे, ‘अमेरिका फर्स्ट’ का दिखावा करने वाले, “मैं चाहे ये करूं, मैं चाहे वो करूं, मेरी मर्ज़ी”, गाने वाले रियल लाइफ जोकर लगते हैं .
इंजी. मधुर चितलांग्या, संपादक , दैनिक पूरब टाइम्स , भिलाई

More Topics

पीएम जनमन आवास योजना से जगदीश बैगा के पक्के घर का सपना हुआ साकार

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत विकासखण्ड गौरेला के...

राहुल गांधी देश में ‘गृहयुद्ध भड़काने’ चाहते हैं? गिरिराज सिंह ने लगाया आरोप

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर किसानों...

इसे भी पढ़े