वंदे मातरम पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कटाक्ष में सुझाव देकर कहा कि सत्ताधारी पार्टी के नेता लगातार जवाहर लाल नेहरू की गलतियां निकालते हैं. तो क्यों ना इस विषय पर सत्ता पक्ष के मनमुताबिक समय तय करते हुए, संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए. जिसमें नरेंद्र मोदी सरकार के पहले की तमाम सरकारों की गलतियों पर खुल कर चर्चा हो . बेहतर यह होगा कि नेहरू और पूर्व तमाम सरकारों ने जो गलत किया या जो सही नहीं किया, उन पर दो अलग-अलग श्वेत पत्र निकाले जाएं. लाभ यह होगा कि उसके बाद देश अतीत में उलझी बहसों से बाहर निकल सकेगा. फिर आज की गंभीर समस्याओं पर ध्यान केंद्रित चर्चा हो सकेगी. वैसे देश के हित में यह सुझाव बहुत काम का होगा क्योंकि वर्तमान केंद्र सरकार को जब भी अपनी 11 साल की ज़िम्मेदारी से बुचकना होता है, वह नेहरू व पुरानी कांग्रेस सरकार की गलतियों के पीछे पिल पड़ती है. यह असंभव सुझाव सुनकर मुझे मज़ा आया.आपको कैसा लगा ?
इंजी. मधुर चितलांग्या, संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स


