चंडीगढ़। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार दोपहर चंडीगढ़ पहुंचे और दिवंगत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सेक्टर-11 स्थित आवास पर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी, उन्होंने अपने सुसाइड नोट में 13 अधिकारियों पर जातिगत उत्पीड़न और करियर बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया था।
राहुल गांधी ने इस घटना को केवल एक पारिवारिक मामला मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह देश में दलित समुदाय के लिए गलत संदेश दे रहा है।
राहुल गांधी का बड़ा बयान
दिवंगत आईपीएस पूरन कुमार को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा:
“सालों से सिस्टम के आधार पर भेदभाव हो रहा है। ऑफिसर को कमतर करने के लिए, करियर बर्बाद करने के लिए सिस्टम के आधार पर दूसरे ऑफिसर लगातार काम कर रहे हैं। ये सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है। देश में करोड़ों दलित भाई-बहन हैं। उनको गलत मैसेज जा रहा है—कि आप कितने भी सफल क्यों न हों, कितने भी ताकतवर क्यों न हों, कितने भी इंटेलिजेंट क्यों न हों, अगर आप दलित हो तो आपको दबाया जा सकता है, कुचला जा सकता है, फेंका जा सकता है, और ये हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है।”
PM और CM को संदेश
राहुल गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री को संदेश दिया। उन्होंने पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पूरन कुमार तथा बेटी अमूल्या को दिए गए भरोसे को पूरा करने की मांग की और कहा, “आप ये तमाशा बंद कीजिए। अधिकारियों पर कार्रवाई कीजिए और इस परिवार पर जो परेशानियां हैं, उनको दूरी कीजिए। इनके पिता का अंतिम संस्कार होने दीजिए।”
राहुल गांधी ने पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पूरन कुमार और बेटी अमूल्या से करीब आधे घंटे तक बातचीत की।
मामले का घटनाक्रम
- मृत्यु: आईपीएस वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित आवास पर खुद को गोली मार ली थी।
- आरोप: मृत्यु से एक दिन पहले उन्होंने 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें हरियाणा डीजीपी सत्रुजीत कपूर, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजरनिया समेत 13 अधिकारियों पर जातिगत उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था।
- पारिवारिक मांग: पीड़ित परिवार ने आरोपी अधिकारियों को एफआईआर में नामजद करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। ऐसा न होने तक परिवार ने दिवंगत आईपीएस का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
- पुलिस जांच: चंडीगढ़ पुलिस ने पूरन कुमार की पत्नी को लैपटॉप देने के लिए नोटिस जारी किया है। पुलिस का मानना है कि लैपटॉप सुसाइड नोट की प्रामाणिकता और ईमेल विवरणों की जांच में अहम सबूत साबित हो सकता है।


