मछली पालन हेतु 30 मत्स्य कृषकों को दिया गया तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण

झींगा पालक कृषकों को मछली बीज वितरित की गई

कोण्डागांव। कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कोपाबेड़ा में तीन दिवसीय मछली पालन तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण दिया गया और झींगा पालक मत्स्य कृषकों को मछली बीज का वितरण किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषकों को मछली पालन से संबंधित तकनीकी ज्ञान, तालाब की तैयारी, मछली बीज का चुनाव, संचयन विधि और मत्स्य आहार का उपयोग तथा प्रबंधन तकनीक के बारे में योगेश कुमार देवांगन ने कृषकों को विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्वेश्य कृषकों को आधुनिक विधि से मछली पालन हेतु प्रेरित करना, उनकी आय में वृद्वि करना तथा ग्रामीण आजीविका में सुधार लाना है।

उल्लेखनीय कि छत्तीसगढ़ शासन मछली पालन विभाग द्वारा बस्तर संभाग में झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए झींगा पालन कार्यक्रम लागु किया गया है, जिसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में संभाग के 07 जिले में लागु की गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में कोंडागांव जिले में प्रथम चरण में चयनित 30 कृषकों को दिनांक 07 अक्टूबर से 09 अक्टूबर तक 03 दिवसीय मछली पालन तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण देकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मछली बीज का वितरण किया गया।

क्या है झींगाः- झींगा जिसे सामान्य रूप से फ्रेश वाटर झींगा या चिंगड़ी या प्रान्स के नाम से जाना जाता है। अधिक कीमत और अधिक प्रोटीन होने के कारण इसका बाजार भाव औसतन अधिक 400 से 500 रू. प्रति किलो है।

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