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Friday, March 13, 2026
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तांडुला डैम: छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण जलाशय

तांडुला डैम (Tandula Dam) छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण जलाशय और बांध है। यह बांध तांडुला नदी पर बना हुआ है, जो शिवनाथ नदी की सहायक नदी है। यह बांध न केवल सिंचाई के लिए बल्कि औद्योगिक और पेयजल आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

तांडुला डैम का इतिहास

तांडुला डैम का निर्माण ब्रिटिश काल में वर्ष 1910 और 1921 के बीच किया गया था। यह बांध तब से छत्तीसगढ़ के प्रमुख जल स्रोतों में से एक है।

मुख्य विशेषताएँ

  1. स्थान: बालोद जिले में स्थित, दुर्ग शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर।
  2. ऊंचाई: बांध की ऊंचाई लगभग 29.6 मीटर है।
  3. लंबाई: बांध की कुल लंबाई 1,737 मीटर है।
  4. क्षमता: यह लगभग 312.25 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी संग्रहित कर सकता है।

उपयोग और महत्व

  1. सिंचाई: तांडुला डैम से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि की सिंचाई होती है, जिससे किसानों को लाभ मिलता है।
  2. जल आपूर्ति: यह दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को पीने और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी प्रदान करता है।
  3. पर्यटन स्थल: यह स्थान अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।

पर्यटन और अन्य गतिविधियाँ

तांडुला डैम के पास पिकनिक के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां पर्यटक नौका विहार (बोटिंग) का आनंद ले सकते हैं और प्राकृतिक दृश्य देख सकते हैं। यह स्थान शांति और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

यदि आपको तांडुला डैम से संबंधित और अधिक जानकारी चाहिए, तो बताएं!

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