Total Users- 1,157,317

spot_img

Total Users- 1,157,317

Sunday, February 8, 2026
spot_img

ट्रंप को घुटने पर लाएं, तब मानें कि खुद की पीठ थपथपाने में हम ‘ओलंपिक चैंपियन’ हैं

भारत-युरोपियन यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ऐसा है, जैसे दो अभावग्रस्तों ने मिलकर एक-दूसरे को ‘टैरिफ-फ्री’ चड्डी बनियान देने का वादा किया हो और उम्मीद कर रहे हों कि सूट-बूट वाला ट्रंप ये देखकर जल-भुन जाएगा. हम यहाँ नाच-नाच कर जश्न मना रहे हैं, और वहां ट्रंप ईरान के नक्शे पर पेंसिल चला रहे हैं. भारत और ईयू का जश्न वैसा ही है जैसे दो बच्चे अंधेरे कमरे में छिपकर एक-दूसरे को ‘हैप्पी बर्थडे’ बोल रहे हों, जबकि असली गिफ्ट तो ट्रंप चाचा की अलमारी में ताले के अंदर बंद है. यह डील दवा नहीं, बल्कि ‘दर्द निवारक स्प्रे’ है. चोट पहलवान ट्रंप के टैरिफ ने मारी है, और हम मलहम लगाकर खुद को कह रहे हैं कि वाह, अब खून नहीं निकलेगा और सोच रहे हैं कि पहलवान ट्रंप को सिरदर्द हो जाएगा. पीठ थपथपाने की जल्दी मत कीजिए, क्योंकि जब ट्रंप का ध्यान ईरान से हटेगा, तब क्या वह हम पर किसी भी तरह से कोई पलटवार नहीं करेगा, ये बड़ा सवाल है ? जब तक ट्रंप का टैरिफ वाला डंडा घुटने न टेक दे, तब तक अपनी पीठ थपथपाना ऐसा है जैसे शेर के सामने आंखें मूंद कर यह सोचना कि अब वह हमें देख नहीं रहा है .
इंजी. मधुर चितलांग्या, संपादक, दैनिक पूरब टाइम्स

More Topics

इसे भी पढ़े