Total Users- 1,179,668

spot_img

Total Users- 1,179,668

Wednesday, March 25, 2026
spot_img

मुझे भूल क्यों गए विपक्षियों ?

दशकों से, हर बार चुनाव आता ,एक हाइप क्रिएट हो जाता और फिर चुनाव परिणाम के बाद शुरू हो जाता था समीक्षाओं और व्यक्तव्यों का दौर. जीतने वाला हमेशा इसे विपक्षी की गलतियों का खामियाजा और अपनी पोलिसी को जनता द्वारा समर्थन बताता था पर पिछले 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद जहां भी चुनाव हुए, वहां पर विपक्षी पार्टियों द्वारा , हारने के बाद, हमेशा हार स्वीकारने की जगह, मुझमें छेड़-छाड़ के इलज़ाम लगाये जाते रहे. मैं चुप-चाप सब सहती रहती कि नाम ही हुआ, क्या हुआ जो बदनाम भी हुए . जी हां, मैं ईवीएम यानि इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन हूं . इस बार महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में सबकी बोलती बंद रही, शायद मेरा ‘सॉफ्टवेयर’ सबको सूट कर गया। इसलिये परिणाम के बाद विपक्ष की टीम के एक भी सदस्य ने मेरे को लेकर चूं-चां नहीं की. अब इसी साल बंगाल के चुनाव आयेंगे, अगर वहां नतीजे मनमुताबिक न आए, तो देखती हूं अपनी हार का ठीकरा किसके सिर पर फोड़ोगे ? प्लीज, मुझे याद रखना, मुझे भूल न जाना .
इंजी. मधुर चितलांग्या , संपादक , दैनिक पूरब टाइम्स

More Topics

राज्यपाल श्री डेका से नेता प्रतिपक्ष श्री महंत ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में छत्तीसगढ़...

तालाब के ऊपर मुर्गी पालन कर खेती को और अधिक लाभकारी बनाया

खेत को आय का बहुआयामी और मजबूत माध्यम बनाने...

इसे भी पढ़े