‘ मेरे नए वर्ष के संकल्प एवं लक्ष्य’ अभी मैंने इतना लिखा ही था कि एक युवा ने मेरे पास आकर मदद चाही. वह बोला, मैं नए साल के लिये नए संकल्प, नए लक्ष्य बनाना चाहता हूं. पर समझ नहीं पा रहा हूं कि शुरुआत कहां से करूं ? मैंने कहा बेहद सरल है यह करना. एक कॉपी-कलम लो या कम्प्यूटर में एक ‘ न्यू इयर रिसोल्यूशन ‘ नाम से एक फ़ाइल बनाकर लिखना चालू करो . सबसे पहले इस साल के लिए अपने व्यक्तिगत लक्ष्य बनाओ , फिर अपने लिए व्यावसायिक लक्ष्य बनाओ , फिर अपने सामाजिक लक्ष्य बनाओ, इतने से बस हो सकता है परन्तु यदि चाहो तो आध्यात्मिक , राजनैतिक, धार्मिक इत्यादि लक्ष्य बना सकते हो . वह बोला, मैं कम से कम लक्ष्य बनाना चाहता हूं परन्तु कन्फ्यूज़्ड (उहापोह में) हूं कि मैं लक्ष्य क्या बनाऊं ? आप मदद करिये ना . मैंने कहा, तुम आंखें बंद करके तय करो , इस साल तुम क्या पाना चाहते हो ? वह आंखें बंद करके मुस्कुराते हुए बोला, आप आंखें बंद कराएं या खुली , मैं चाहता तो अनेक को हूं परन्तु सबसे ज़्यादा ‘ वन्दु’ को पाना चाहता हूं . मैंने पूछा , वह कौन है ? वह शर्माते हुए बोला, हमारे कॉलेज की सबसे स्मार्ट लड़की का पेटनेम ‘ वन्दु ‘ है. मेरा व्यक्तिगत लक्ष्य होगा उसे सेट करना . मेरा व्यावसायिक लक्ष्य होगा, मम्मी को पटाकर या घर में लड़ झगड़कर नयी बाइक प्राप्त करना . मेरा सामाजिक लक्ष्य होगा वन्दु को बाइक पर पीछे बिठाकर घुमाना और गार्डन में स्कार्फ में छिपे हमारे चेहरों के साथ खुले तौर पर प्रेम प्रदर्शन करना . उसने खुशी से दमकते चहरे के साथ आंखें खोली और खुशी से चहकते हुए बोला , थैंक्यू अंकल , आपने तो मेरी लाइफ आसान कर दी. वह गया ही था और मैं पेन लेकर फिर लिखना चालू कर ही रहा था कि दूसरा युवक सामने खड़े होकर मुस्कुराया . उसने भी अपना वही कन्फ्यूज़न मुझे बतलाया और लक्ष्य के बारे में मैंने भी वही सब दोहराया . वह आंखें बंद करते हुए बोला , मैं व्यक्तिगत तौर पर चाहता हूं कि रोज़ देर रात तक इंटरनेट पर मूवी व मोबाइल पर चैट करूं , सुबह आराम से उठूं . व्यावसायिक स्तर पर पिताजी के पैसों से ऐश करना चाहता हूं . सामाजिक स्तर पर मैं चाहता हूं कि कोई बार-बार ना पूछे कि तुम्हारा फ्यूचर प्लान क्या है ? अचानक उसका चेहरा खिल गया और वह बोला , मैं सबसे कहूंगा कि मैं आईएएस की तैयारी कर रहा हूं. साल भर कोई ज़्यादा बातें नहीं करेगा . फिर उसी खिले चेहरे से मुझसे बोला, थैक्यू अंकल ,आपने तो मेरा पूरा कन्फ्यूज़न दूर कर दिया है . उसके जाते ही मैं कन्फ्यूस्ड हो गया हूं कि मैं नए साल का क्या रिसोल्यूशन बनाऊं जो मुझे उन लोगों की तरह बेहद खुशी दे.
इंजी. मधुर चितलांग्या
संपादक , दैनिक पूरब टाइम्स


