उत्तराखंड के कोटद्वार में एक जिम ट्रेनर दीपक द्वारा मुस्लिम दुकानदारों के समर्थन में अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताने का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा, जिस पर राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी ने उनकी तारीफ की।
अपन तो कहेंगे: जिम में डंबल उठाकर ‘मोहम्मद दीपक’ ने वो सेक्युलर वज़न बढ़ाया है, कि राहुल और ओवैसी की तारीफ देख लगता है, आज ‘मसल्स’ से ज़्यादा राजनीति ने दम दिखाया है . वैसे राहुल और ओवैसी की तारीफ ने बता दिया कि खेल कितना गहरा है, दीपक तो सिर्फ मोहरा है, पीछे किसी और ही राजनीति का चेहरा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दल के ‘शर्टलेस’ (बिना शर्ट के) विरोध प्रदर्शन पर चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्षी दल अपनी राजनीति के साथ “पहले से ही नग्न” हैं।
अपन तो कहेंगे: विपक्ष ने तो बस शर्ट उतारी थी ताकि मोदीजी की गरिमा कम करें , पर मोदीजी ने ये कहकर उनकी पूरी ‘सियासी अलमारी’ ही खोल दी ! वैसे सड़क पर बदन दिखाने से अगर सरकारें बदलतीं, तो कुश्ती के अखाड़े संसद होते, विपक्ष का ये ‘शर्टलेस’ सर्कस उनकी मानसिक कंगाली नहीं है तो और क्या है ?
इंजी. मधुर चितलांग्या , संपादक , पूरब टाइम्स


