11 जुलाई को फू क्वोक द्वीप के पास होन मे रुत नगोआई क्षेत्र के निकट 32 भारतीय पर्यटकों और चार स्थानीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट पलट गई थी। इस भीषण हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई।
16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया और इलाज के बाद उन्हें भारत भेज दिया गया, जबकि एक घायल अब भी फू क्वोक के अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है। मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के रहने वाले थे। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
दिंडीगुल जिले के पलानी निवासी निर्मल कुमार ने चेन्नई पहुंचने के बाद उस भयावह हादसे का आंखों देखा हाल सुनाया। निर्मल ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ 8 जुलाई को वियतनाम घूमने गए थे। 11 जुलाई को यात्रा के अंतिम चरण में सभी लोग एक बड़े बंद स्पीडबोट से एक द्वीप से दूसरे द्वीप जा रहे थे। तभी अचानक एक बेहद ऊंची और तेज लहर नाव से टकराई। पहले नाव हल्की सी एक ओर झुकी, फिर बाईं तरफ बैठे यात्री दाईं ओर गिर पड़े। इससे नाव का पूरा संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते उलट गई।
कौन बच गया और कौन फंस गया?
उन्होंने बताया कि नाव के चालक और गाइड सबसे पहले पानी में कूद गए। उन्हें देखकर वह और करीब 20 अन्य यात्री भी तुरंत पानी में कूद गए और अपनी जान बचाने में सफल रहे। लेकिन नाव के पिछले हिस्से में बैठे यात्रियों की किस्मत इतनी अच्छी नहीं थी। नाव पूरी तरह बंद थी। करीब 15 लोग उसके अंदर फंस गए। उन्होंने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन उलटी नाव उनके ऊपर आ गई, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके।”


