पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया. पहली बार भाजपा ने राज्य की सत्ता पर पूर्ण बहुमत के साथ कब्जा किया और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
ब्रिगेड मैदान में हुए भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने इस जीत को राष्ट्रीय महत्व दे दिया. चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने दावा किया था कि अगर बंगाल में उसकी सरकार बनी तो वे सभी केंद्रीय योजनाएं लागू होंगी जो सालों से राजनीतिक टकराव के कारण अटकी हुई थीं.
अब सुवेंदु सरकार के गठन के साथ ही ‘मोदी की गारंटी’ को जमीन पर उतारने की चर्चा तेज हो गई है. भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, किसानों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल की राजनीति अब कल्याणकारी योजनाओं की सीधी प्रतिस्पर्धा में बदल सकती है.
सबसे ज्यादा चर्चा आयुष्मान भारत योजना को लेकर हो रही है. अब तक पश्चिम बंगाल इस केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से बाहर था. भाजपा सरकार बनने के बाद इसे राज्य में लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है. इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने विजय भाषण में कहा कि बंगाल के गरीब परिवारों को अब इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लाखों गरीब परिवारों को राहत मिलेगी और निजी अस्पतालों तक उनकी पहुंच आसान होगी. भाजपा इसे बंगाल में अपनी सबसे बड़ी सामाजिक गारंटी के तौर पर पेश कर रही है.


