नयी दिल्ली, 29 जुलाई राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार को विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण करीब 40 मिनट के लिए दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसद दिल्ली में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यालय में दिल्ली पुलिस के प्रवेश और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष को गिरफ्तार करने की कोशिश का विरोध कर रहे थे। साथ ही उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग भी दोहराई।
सूचीबद्ध दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के तुरंत बाद माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने आइशी घोष का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सादे कपड़ों में दिल्ली पुलिस की एक टीम 2021 में जेएनयू में हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में आइशी घोष को गिरफ्तार करने के लिए पार्टी कार्यालय में दाखिल हुई। ब्रिटास ने पुलिस कार्रवाई को हाल के छात्र प्रदर्शनों से जोड़ते हुए कहा कि आइशी घोष की एकमात्र गलती यह थी कि उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
उनकी बात का समर्थन करते हुए नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के कार्यालय में पुलिस के प्रवेश का आदेश किसने दिया। आरोपों का जवाब देते हुए सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि यह एक सामान्य कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है।


