अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस 2 मिशन गुरुवार को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुका है। यह 1972 में अपोलो 17 के बाद चांद के आसपास भेजा गया पहला मानवयुक्त मिशन है। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद की परिक्रमा कर लगभग 10 दिनों बाद पृथ्वी पर वापस लौटेंगे। यह मिशन चांद पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति और भविष्य में कई मिशन की नींव रखेगा। चांद की परिक्रमा लगाने वाले चार एस्ट्रोनॉट्स की लिस्ट में कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर जे. ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना हैमक कोच व मिशन स्पेशलिस्ट जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
मिशन के कमांडर रीड वाइसमैन नासा के अनुभवी एस्ट्रोनॉट हैं। उन्हें साल 2009 में नासा के अंतरिक्ष यात्री दल में चुना गया था। वे बाल्टीमोर के रहने वाले हैं और रेनसेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। उन्होंने जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी से सिस्टम इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। रीड ने एनईईएमओ21 मिशन की कमान संभाली थी और फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरिंग में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। आर्टेमिस 2 में कमांडर के रूप में वह पूरे मिशन का नेतृत्व करेंगे।
पायलट विक्टर जे. ग्लोवर कैलिफोर्निया के रहने वाले हैं। उन्हें साल 2013 में नासा के अंतरिक्ष यात्री दल में चुना गया था। वे नौसेना के अनुभवी पायलट हैं और एफ/ए -18 हॉर्नेट, सुपर हॉर्नेट व ईए-18जी ग्रोवलर जैसे विमानों को उड़ाने का लंबा अनुभव रखते हैं। ग्लोवर ने स्पेसएक्स क्रू-1 मिशन में पायलट के रूप में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 168 दिन बिताए थे। उन्होंने 4 स्पेसवॉक भी किए हैं। आर्टेमिस 2 में वह पायलट की भूमिका निभाएंगे।


