अमित शाह ने स्वीकार किया कि हालांकि पिछले दस वर्षों में नई घुसपैठ को रोकने में सफलता मिली है, लेकिन अभी भी कई अवैध लोग राज्य में मौजूद हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि अगर भाजपा तीसरी बार सत्ता में आती है, तो अगले पांच वर्षों में हर घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें बाहर निकाला जाएगा। शाह ने कहा कि ये घुसपैठिए असम के युवाओं के रोजगार और संसाधनों पर अवैध कब्जा जमाए हुए हैं।
शाह ने आतंकवाद मुक्त असम का दावा किया
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में असम ने केवल बम धमाके और हिंसा देखी थी। इसके विपरीत, पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने असम को आतंकवाद से मुक्त किया है और लगभग 10,000 युवाओं को हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने में मदद की है। उन्होंने कहा कि आज का असम शांति और बड़ी इंडस्ट्रीज की ओर बढ़ रहा है।
शाह ने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया
शाह ने देश की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय पाकिस्तान से आतंकी आकर धमाके करते थे, लेकिन अब मोदी सरकार है। उन्होंने उरी के बाद ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, पुलवामा के बाद ‘एयर स्ट्राइक’ और पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे आतंकियों का सफाया किया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से सवाल किया कि क्या वे घुसपैठियों के साथ खड़े हैं या उनके खिलाफ।


