मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी शासित कर्नाटक ले जाने का फैसला किया है।
पार्टी के एक विधायक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीटीआई-से बातचीत में कहा कि पार्टी के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि भाजपा उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने उन्हें बताया है कि भाजपा के लोग नोटों से भरी थैली लेकर उनसे संपर्क करने आए थे लेकिन उन्होंने उन्हें लौटा दिया।
सिंघार ने दावा किया कि 18 तारीख को मतदान के दिन भाजपा का सारा षड्यंत्र विफल होगा। सौंसर विधायक विजय रेवानाथ चौरे ने बाद में पीटीआई से बातचीत में कहा कि सभी विधायक भोपाल से बेंगलुरु जा रहे हैं।
उन्होंने भी दावा किया कि भाजपा खरीद फरोख्त के प्रयास कर रही है इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने विधायकों को एक साथ किसी कांग्रेस शासित राज्य में रखने का फैसला किया है। एक अन्य कांग्रेस विधायक यादवेन्द्र सिंह और बाबू जंडेल ने भी विधायकों को कर्नाटक ले जाए जाने की पुष्टि की।


