एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने मेदांता अस्पताल में और उनके ICU के बाहर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि किस अधिकार के तहत वे उनसे मिलने पर रोक लगा रहे थे, जबकि कोर्ट ने साफ़ कर दिया था कि उन्हें हिरासत में नहीं रखा गया है।
शनिवार को X पर एक पोस्ट में आंग्मो ने कहा कि सफदरजंग और अब मेदांता, दोनों ही जगहों पर पुलिस हर तरफ मौजूद है। मुख्य गेट पर, रिसेप्शन पर, लिफ्ट के पास और सोनम वांगचुक के ICU के बाहर भी। वे ही तय करते हैं कि कौन उनसे मिल सकता है और कौन नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि अगर अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह हिरासत में नहीं है, तो फिर यह सब किस अधिकार के तहत हो रहा है? एक प्रबुद्ध लोकतंत्र में, क्या पुलिस की भूमिका नागरिकों की रक्षा करना और कानून का पालन करवाना है, या सत्ता में बैठे लोगों की ओर से नागरिकों को नियंत्रित करना है?
ये ऐसे सवाल हैं जो हर भारतीय को पूछने चाहिए। नीईट परीक्षा के मुद्दे और देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में सुधार के संबंध में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद वांगचुक ने शुक्रवार को 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी।


