संयुक्त अरब अमीरात की जहां कुछ दिन पहले भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल मौजूद थे और अब इसी मुलाकात के कुछ घंटों बाद ही संयुक्त अरब अमीरात ने ऐलान किया है कि वह तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर निकल रहा है। 1 मई 2026 से संयुक्त अरब अमीरात दुनिया भर में तेल के दामों और प्रोडक्शन को निर्धारित करने वाले ओपेक का सदस्य नहीं रहेगा। यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात की पूरी कैबिनेट 2 घंटों के लिए पीएम मोदी से मिलने आई थी।
अगले महीने अपनी यूरोप यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 घंटों के लिए अबू धाबी में रुकेंगे और हाई प्रोफाइल मीटिंग करेंगे। संयुक्त अरब अमीरात ने जो ऐलान किया है वो रातोंरात भारत की किस्मत बदल सकता है। यह जानने के लिए आप वीडियो को देखिए। दरअसल ईरान अमेरिका जंग की वजह से मुस्लिम देश बिखर गए हैं। सऊदी अरब पाकिस्तान की तरफ झुक गया तो संयुक्त अरब अमीरात भारत के और नजदीक आ गया।
संयुक्त अरब अमीरात वो देश है जिस पर ईरान ने सबसे ज्यादा हमले किए। लेकिन कोई भी आसपड़ोस का मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात के साथ नहीं खड़ा हुआ। संयुक्त अरब अमीरात नाराज़ था कि किसी भी मुस्लिम देश ने ईरान को मुंहत जवाब नहीं दिया। इन देशों ने जमकर अमेरिकी हथियार और लड़ाकू विमान खरीदे लेकिन उनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं किया बल्कि पाकिस्तान, तुर्की, क़तर और सऊदी अरब जैसे देशों ने मौके का फायदा उठाकर संयुक्त अरब अमीरात की तरक्की को चोट पहुंचाने के लिए अबू धाबी और दुबई जैसे बड़े शहरों की छवि खराब करनी शुरू कर दी। ऐसे में संयुक्त अरब अमीरात ने ऐलान कर दिया कि वह ओपेक से बाहर जा रहा है।


