दुनिया में किसी देश की ताकत को नापने का एक तरीका उस देश की भाषा भी होती है। अगर आप कमजोर देश है तो कोई आपकी भाषा क्यों बोलेगा? लेकिन अगर एक ताकतवर, आर्थिक और सैन्य शक्ति हैं तो दुनिया आपको खुश करने के लिए आपकी ही भाषा में बात करेगी। भाषा एक सॉफ्ट पावर है। अगर टैंक और तोपों से जंग जीती जाती है तो भाषा से दिमाग पर कब्जा किया जाता है।
अगर पूरी दुनिया भारत और पीएम मोदी को लेकर हिंदी में बयान दे रही है तो समझ लीजिए कि भारत का भविष्य कितना उज्जवल है। नहीं तो किसी देश को क्या ही पड़ा है कि वह हिंदी में बयान दें। वैसे तो अब कई देश भारत और पीएम मोदी के लिए हिंदी में ट्वीट करते हैं। लेकिन रूस और स्लोवाकिया ने पीएम मोदी को लेकर हिंदी में जो बयान दिया है उसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे।
भारत में हिंदी के नाम पर नॉर्थ को साउथ से लड़ाया जाता है। लेकिन उसी हिंदी भाषा में अब रूस और स्लोवाकिया के राजदूतों ने जो बयान दिया है उसे सुनकर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। वैसे हम आपको बता दें कि पीएम मोदी स्लोवाकिया की यात्रा पर जाने वाले हैं। रूसी राजदूत डेनिस एलिपोव ने कहा कि विदेश सचिव विक्रम मिश्री एक्सीलेंसी गणमान्य गणमान्य अतिथि गण देवियों और सज्जनों रूस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आप सभी का मैं हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं।


