सोना, जेवर और बर्तन… ईरान नहीं ले जा सकेगा कश्मीर से जुटाया गया चंदा

नई दिल्ली/श्रीनगर। कश्मीर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से ईरान के समर्थन में जुटाए गए चंदे को लेकर नया मोड़ सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान का दूतावास इस चंदे की राशि, सोना, जेवर और अन्य वस्तुएं सीधे ईरान नहीं ले जा सकेगा।

बताया जा रहा है कि दूतावास को प्राप्त नकद और ऑनलाइन राशि भारत में ही निर्धारित उद्देश्य के तहत खर्च करनी होगी। सूत्रों के अनुसार, इस धन का उपयोग केवल दवाइयों की खरीद के लिए किया जा सकेगा और वह भी भारत से ही।

भारत में ही जमा होंगे आभूषण

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंदे में मिले सोना, चांदी, जेवर और अन्य कीमती वस्तुओं को भारत के स्थानीय बैंक में जमा कराया जाएगा। जमा प्रक्रिया के बाद ही उनकी वैल्यू के अनुरूप राशि उपयोग के लिए उपलब्ध होगी। इन वस्तुओं को सीधे ईरान भेजने की अनुमति नहीं होगी।

इस व्यवस्था से धन के उपयोग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक राशि का लेखा-जोखा रखने में सुविधा होगी।

उठे थे सवाल

सोशल मीडिया पर अचानक बड़ी मात्रा में चंदा जुटने को लेकर सवाल उठाए गए थे। कुछ लोगों ने धन के संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई थी। इसके बाद इस मामले ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में भी चर्चा बटोरी।

कूटनीतिक प्रोटोकॉल का पहलू

वियना कन्वेंशन विदेशी दूतावासों को बैंकिंग सुविधाएं देता है, लेकिन चंदा जुटाने की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं करता। किसी भी देश में दूतावास द्वारा चंदा संग्रह करने के लिए संबंधित देश के विदेश मंत्रालय की अनुमति आवश्यक होती है।

फिलहाल आधिकारिक स्तर पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि चंदे के उपयोग पर निगरानी रखी जाएगी और इसे निर्धारित मानवीय उद्देश्य के तहत ही खर्च किया जाएगा।

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