मध्य पूर्व में शांति वार्ताओं के तमाम दावों और कोशिशों के बीच एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने फारस की खाड़ी में नया तनाव पैदा कर दिया है। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसने ‘ड्रोन हमलों’ से अपना बचाव करने के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित गोरुक ( और केशम द्वीप पर ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर जारी एक आधिकारिक बयान में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना द्वारा ईरान की ओर से लॉन्च किए गए चार ड्रोनों के जवाब में की गई थी। CENTCOM ने इन्हें घातक “वन-वे अटैक” (आत्मघाती) ड्रोन बताया, जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर भेजा गया था।
CENTCOM ने कहा, “हमलावर ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।” “इसके बाद अमेरिकी सेना ने आगे के हमलों से बचाव के लिए गोरुक और केशम द्वीप पर ईरानी तटीय निगरानी रडार साइटों पर हमला किया।”


