अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के उनके समकक्ष शी चिनफिंग ने ईरान युद्ध और द्विपक्षीय व्यापारिक मतभेदों समेत कई मुद्दों पर बृहस्पतिवार को चर्चा शुरू की। ट्रंप ने इसे ‘‘अब तक की सबसे बड़ी शिखर बैठक’’ बताया। बीजिंग पहुंचने पर ट्रंप का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने बृहस्पतिवार को शी चिनफिंग के साथ अपनी पहली बैठक में कहा कि वह उनके साथ ‘‘बड़ी चर्चा’’ को लेकर उत्साहित हैं।
बीजिंग स्थित ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल’ में शी चिनफिंग के साथ वार्ता के दौरान ट्रंप ने अपने शुरुआती संबोधन में कहा, ‘‘कुछ लोग कहते हैं कि यह शायद अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन है।’’
यह नौ वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। इससे पहले ट्रंप ने ही अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में चीन की यात्रा की थी। ट्रंप ने कहा, ‘‘जब कठिनाइयां आईं, तो हमने उनका समाधान निकाला।’’ तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर चीन पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारा भविष्य साथ मिलकर शानदार होगा।
’’ सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ट्रंप ने शी चिनफिंग को कई बार महान नेता बताया। दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। शी ने कहा कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता और समृद्धि में सहयोग करना चाहिए तथा बड़ी शक्तियों के बीच बेहतर संबंधों का सही रास्ता खोजना चाहिए।


