ईरान के दिव्यांगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के अंतिम संस्कार में पहुंचे पूर्व रूसी राष्ट्रपति मेदवदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने होर्मुज स्टेट को ईरान का थर्मोन्यूक्लियर हथियार करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस युद्ध में होर्मुज स्टेट का जिस तरीके से उपयोग किया वह एक तरह से रणनीतिक शक्ति का प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस युद्ध में एक ऐसा हथियार खोज लिया है जो किसी भी तरह से परमाणु हथियार से कम नहीं है।
खाममेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपने व्यक्तित्वमें मेदवेदेव ने ईरान के लड़ने की क्षमता की तारीफ भी की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने हॉर्मोस पर अपना नियंत्रण दिखाकर साबित किया है कि वह इस क्षेत्र की कितनी बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा, युद्ध के दौरान ईरान ने जहाजों की आवाजाही को रोक कर निश्चित रूप से अपनी रणनीतिक शक्ति दिखाई है।
अब दुनिया में चर्चा है और समझौते इस बात पर हो रहे हैं कि ईरान भविष्य में यहां पर क्या करेगा और होर्मुज कैसे संचालित होगा। होर्मुज स्टेट पर नियंत्रण परमाणु हथियार जैसा। पूर्व रूसिया राष्ट्रपति ने होर्मुज स्टेट पर ईरान के कब्जे की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा इस जल क्षेत्र पर ईरान के कब्जे से उसे एक परमाणु हथियार से भी बड़ी शक्ति मिल गई है। उन्होंने कहा मेरा मानना है कि ईरान के पास अब केवल परमाणु हथियार ही नहीं बल्कि थर्मोनक्लियर हथियार भी है। वह हथियार है हॉर्मोनस स्टेट। किसी भी वैश्विक संघर्ष की स्थिति में इसका उपयोग किया जा सकता है।


