ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्तों के लिए हथियार बंद हैं लेकिन इस बीच सीजफायर ही हथियार बन गया है. दोनों तरफ से लोग ‘वादा तोड़ने’ की धमकी देकर डरा रहे हैं. जिसकी वजह इजरायल की जिद बनी है. नेतन्याहू ने ऐलान कर दिया है वो लेबनान पर अटैक तब तक जारी रखेंगे जब तक जंग के सारे टारगेट हासिल नहीं कर लेते.
इस बीच पाकिस्तान जैसे देश इजरायल को विलेन बनाने की कोशिश कर रहे हैं, इजरायली राजदूत रूवेन अजर ने कहा वो इस समझौते की असलियत और भविष्य पर बड़े सवालिया निशान खड़े करती हैं. उन्होंने इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे की वो कड़ियां बताई हैं, जिन्हें अब तक छिपाया जा रहा था.
ईरानी सत्ता के अंदर क्या चल रहा है?
पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा गर्म थी कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बेहोश या कोमा की हालत में हैं, जिससे ईरान के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे थे.
इजरायली राजदूत रूवेन अजर का मानना है कि मोजतबा के पास असल में कितनी ताकत है, ये अभी साफ नहीं है क्योंकि ईरान की तरफ से अलग-अलग नेता अलग-अलग बातें कर रहे हैं. उन्होंने ईरानी सिस्टम में ‘दरार’ होने का दावा किया है और कहा है कि वहां संसद के स्पीकर कालिबाफ जैसे नेता बातचीत की कोशिश कर रहे हैं.


