पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के प्रयासों को झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच अविश्वास की दीवार खड़ी हो चुकी है, जिससे पाकिस्तान में वार्ता शुरू होने से पहले ही संघर्ष विराम के प्रयासों पर संकट मंडरा रहा है।
व्हाइट हाउस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ट्रंप की ‘रेड लाइन’ में कोई बदलाव नहीं आया है और वह तेहरान की मांगों के आगे नहीं झुकेंगे। तब से चार घंटे बीत जाने के बावजूद, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और जेरेड कुशनर के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के साथ सीधी बातचीत नहीं की है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने जर्मन समकक्ष से बातचीत में कहा कि तेहरान अविश्वास के साथ वार्ता में शामिल हो रहा है, जिससे छह सप्ताह से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के प्रयास और भी जटिल हो गए हैं। युद्धरत पक्षों के बीच सीधी बातचीत के अभाव में, कुछ पूर्व शर्तों के पूरा होने पर मेजबान देश पाकिस्तान की भागीदारी के साथ त्रिपक्षीय बैठक की संभावना उभर कर सामने आई है।
तो, वे पूर्व शर्तें क्या हैं? फिलहाल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस से मिल चुके हैं। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से सीधे मुलाकात कर रहे हैं, जबकि वे तेहरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ और अरागची समेत ईरानी प्रतिनिधिमंडल से अलग से बातचीत कर रहे हैं।


