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Thursday, April 16, 2026
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मंदिर बनाने में अपना पूरा पैसा लगाया, अब चंदा मांग रहे हैं

आपने पहले भी कई शिवभक्तों की भक्ति देखी होगी और उनके बारे में सुना होगा, लेकिन बिहार में एक शिवभक्त ने अपने जीवन की पूरी कमाई एक मंदिर बनाने में लगा दी, लेकिन मंदिर नहीं बना तो अब चंदा मांग रहे हैं

समस्तीपुर के रोसड़ा में रहने वाले शिवभक्त शिवशंकर महतो ने एक विशाल शिव मंदिर का निर्माण करवाया है। वह कहते हैं कि मंदिर निर्माण में 50 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की है, लेकिन जब काम पूरा नहीं हुआ तो वे सुबह-शाम चंदा मांगते हैं और जो कुछ मिलता है उसे मंदिर निर्माण में लगा देते हैं।

लालपुर गांव के शिवशंकर महतो बताते हैं कि 2007 से उनके गांव में मंदिर का निर्माण शुरू हुआ था और 2012 में भगवान की प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया था। फिलहाल इस मंदिर में शिव, पार्वती, हनुमान, कार्तिक, गणेश और काल भैरव की पूजा की जाती है। यहां हर दिन सैकड़ों लोग पूजा करने आते हैं। शिवशंकर कहते हैं कि मंदिर निर्माण का काम कब तक पूरा होगा, यह सब भोले बाबा की कृपा है। उनके आदेश से मंदिर बनाया गया था और इसका अंत भी होगा।

महतो आज मंदिर के समीप एक खपड़ैल के मकान में पूरे परिवार के साथ रहते है। इनके चार बेटे और एक बेटी हैं। उन्होंने बताया कि इस मंदिर निर्माण में न केवल परिवारजनों का बल्कि गांव के लोगों का भी सहयोग मिलता रहा है।

उन्होंने कहा कि इस स्थल पर महाशिवरात्रि के दिन मेला लगता है तथा सावन में श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा करने पहुंचते हैं। मंदिर निर्माण की शुरुआत को लेकर वे दिलचस्प जानकारी देते हुए कहते हैं कि किशोर अवस्था में ही मुझे एक मंदिर निर्माण कराने की उत्सुकता जगी थी। इसके बाद बाहर कमाने चला गया, लेकिन वहां मन नहीं लगा। मजदूरी और ठेकेदारी कर कुछ पैसे कमाए। इसी दौरान उनका दावा है कि सपने में भगवान शिव और मां पार्वती आए और मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद मंदिर निर्माण का कार्य शुरू करवाया।

2012 तक अपने पैसे से निर्माण कार्य चलता रहा और जब खुद का पैसा समाप्त हो गया तो अब चन्दा इकट्ठा कर मंदिर में लगाता हूं। शिवशंकर महतो का काम अब पूजा करना और मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करना है। इनके बेटे सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। परिवार चलाने के लिए अपनी जमीन बटाई पर दे दी है, जिससे परिवार का खर्चा निकल जाता है।

ग्रामीण भी शिवशंकर के प्रयास में सहयोग करते हैं। इस मंदिर का नाम भी शिवशंकर धाम रखा गया है। बहरहाल, यह मंदिर इस क्षेत्र के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।

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