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Sunday, March 22, 2026
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सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग की प्रशासकीय कार्यवाहियों में सिंचाई विभाग के अधिकारी निरुत्तरित क्यों है ?

पूरब टाइम्स, दुर्ग. इन दिनों सहायक श्रम आयुक्त, दुर्ग के कोर्ट में जल संसाधन विभाग दुर्ग के अधीक्षण अभियंता एस. के. पाण्डेय व कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत के विरुद्ध अपने कार्यक्षेत्र के ठेकेदारों पर विधिवत लेबरों का रिकॉर्ड नहीं रखना व उन श्रमिकों के अधिकारों के हनन की जांच कार्यवाही चल रही हैं. सूचना दिए जाने के बाद भी पिछली जल संसाधन विभाग ने आवश्यक कागज़ात जमा नहीं कराए हैं. अंतिम अवसर पर भी कागज़ात नहीं देने पर श्रम विभाग, विभागीय अधिकारियों व ठेकेदारों पर दंड पेनाल्टी भी लगा सकता है. सूत्रों के अनुसार, उसके बाद ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड व अधिकारियों पर विभागीय जांच शुरू होगी. बताया यह जा रहा कि पिछली विधानसभा कार्यकाल में पाटन क्षेत्र का यह मामला, अनेक विधि विरुद्ध कार्य व भ्रष्टाचार के लिए चिंगारी का काम करेगा. साथ ही राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त अनेक अधिकारियों के कच्चे चिट्ठे भी खुलेंगे. पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट

श्रमिकों के अधिकारों का हनन करने वाले ठेकेदारों के साथ साठ-गांठ करके ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का मामला अब फाइलों से निकलकर सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग की कार्यवाहियों के माध्यम से उजागर होने लगा है. गौर तलब रहे कि गैर जिम्मेदाराना तरीके से पदेन कर्तव्य को पूरा नहीं करने वाला अधिकारी आशुतोष सारस्वत सिंचाई विभाग के निर्माण कार्यों संबंधित ठेका में ठेकदार से अनुबंध शर्तों का पालन सुनिश्चित करवाने वाला दोषी अधिकारी साबित होने की दिशा में बढ़ रहा है क्योंकि लगभग 35 निर्माण कार्यों में नियोजित ठेकों में श्रम विवरणी देने में वह विगत चर्चा तिथियों में विफल हो गया है. इसलिए सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग ने अब अंतिम अवसर देते हुए आगामी 10 नवम्बर तारीख नियत की है जिसमें कार्यपालन अभियंता को श्रम विवरणी प्रस्तुत करने की बाध्यता है ।

सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग के समक्ष लंबित कार्यवाहियों में महत्वपूर्ण जवाबदार पक्षकार के रूप में अधीक्षण अभियंता शिवनाथ वृत्त दुर्ग ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत की पदेन जिम्मेदारी को अनुबंधित शर्तों के आधार पर स्पष्ट करते हुए अपनी जवाबदेही को स्पष्ट कर दिया है, जिसके बाद कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत की जवादबेही विभागीय स्तर पर, दस्तावेजिक प्रमाणों और शीर्ष अधिकारियों को सहमति अनुसार, कार्यवाही करने योग्य स्थिति आ गई है. बावजूद इसके सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग ने अपने पदेन प्राधिकार का प्रयोग कर, अंतिम अवसर कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत को देकर कई अनुत्तरित प्रश्न खड़े कर दिए है, जिसके कारण आगामी चर्चा दिनांक को सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग की प्रशासकीय कार्यवाहियां किस दिशा में बढ़ेगी यह जानने की उत्सुकता विशेषकर दोषी ठेकदारों को है ।

श्रमिकों मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करवाने के लिए पूरी कानूनी कार्यवाही प्रक्रिया से सामाजिक कार्यकर्ता अमोल मालुसरे प्रयास कर रहें है. यह प्रयास सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग के द्वारा संज्ञान लेकर कार्यवाही किए जाने से आवश्यक साक्ष्य और प्रमाणित कथन विधिवत विभागीय कार्यवाहियों में लेखबद्ध किए जा रहें है. उल्लेखनीय है कि इस कार्यवाही में अधीक्षण अभियंता शिवनाथ वृत्त दुर्ग ने कार्यपालन अभियंता की पदेन जिम्मेदारी को स्पष्ट करके वास्तविक दोषी की विभागीय पुष्टि भी कर दी है इसलिए इस मामले में अगर सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग ने यदि विधिक प्रावधानों को महत्व नहीं दिया तो मामला सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग के विरुद्ध बनेगा, इसमें शायद ही दो मत नहीं होंगे. ऐसी स्थिति में कलेक्टर दुर्ग की भूमिका निर्णायक होगी तब क्या कलेक्टर दुर्ग अपनी जिम्मेदारी पूरी करेंगे यह आने वाला समय बतायेगा?

सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग के द्वारा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता शिवनाथ वृत्त दुर्ग और कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत से उनका पक्ष चर्चा के दौरान सुना गया और शिकायतकर्ता के तौर पर मुझे भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया. सिंचाई विभाग के निर्माण कार्यों में नियोजित श्रमिकों का मामला अभी विचाराधीन है । मजदूरों को उनका अधिकार दिलवाने के लिए उच्च न्यायालय तक जाना पड़ेगा तो जाऊंगा.
अमोल मालूसरे
सामाजिक कार्यकर्ता

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