Total Users- 1,178,003

spot_img

Total Users- 1,178,003

Sunday, March 22, 2026
spot_img

सदस्य सचिव पर्यावरण संरक्षण मंडल की जवाबदेही सुनिश्चित कौन करेगा ?

पूरब टाइम्स , रायपुर . छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण विभाग की भद्द पिटी हुई है . इसका कारण केवल पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों की अनदेखी ही नहीं है बल्कि मुख्यालय के अधिकारियों की गैर जि़म्मेदारी और अकड़ूपन भी है . उन अधिकारियों का गैर जि़म्मेदाराना कार्य-व्यवहार होना लाज़मी है क्योंकि विभाग के सर्वोच्च स्तर पर बैठे सदस्य सचिव की आंखों में काली पट्टी मुख्यालय में वर्षों से बैठे कतिपय अधिकारियों ने बांध दी है . अनेक समाज सेवकों ने म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट ( नगर पलिका के ठोस अपशिष्ट) , प्लास्टिक वेस्ट ,बामेडिकल वेस्ट , उद्योग विभाग के एयर पॉल्युशन जैसे मामलों में गड़बडिय़ों को संज्ञान भी करवाया , अन्य मामलों में भी जानकारियों की जांच करने का अनुरोध किया , सूचना के अधिकार में जानकारियां भी मांगी परंतु वहां का जन संपर्क / सूचना विभाग किसी भी प्रकार का सकारात्मक रुख नहीं रखता है . उन्हें किसी भी प्रकार का कोई डर भी नहीं है क्योंकि सदस्य सचिव को अपनी बातों के जाल में फंसा लेते हैं, लोगों के अनुसार ,इसी कारण से इस विभाग में भ्रष्टाचार अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच रहा है . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट …

प्रदेश में जनित होने वाले व प्रदूषण को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (Chhattisgarh Environment Conservation Board – CECB) का गठन और कार्यान्वयन किया गया है । जिसके प्रमुख कार्यों और कर्तव्यों की आधारभूत जानकारी रखना सभी होनी चाहिए परंतु संवादहीन प्रदूषण मंडल अब अनियमितताओं का पिटारा नजर आने लगा है क्योंकि पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी सिर्फ अनुज्ञप्ति जारी करके उसको तत्काल फाइलों में दफऩ करके अपनी कुटिल मंशा पूरी कर लेते है और प्रदूषण करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करते समय प्रशासकीय अनियमितता करके अपना पदेन कर्तव्य नियम विरुद्ध कार्य व्यवहार करके पूरा नहीं करते है । जो कि स्पष्ट करता है कि छत्तीसगढ़ प्रदूषण मंडल द्वारा जारी की जाने वाली अनुज्ञप्ति प्रदान किए जाने की प्रशासकीय कार्यवाहियों में बड़ा लोचा है ।

1/पर्यावरणीय निगरानी और नियंत्रण:
वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण की निगरानी करना और नियंत्रण के लिए मानक तय करना।

2/ उद्योगों की पर्यावरणीय स्वीकृति:
राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान करना और उनके प्रभावों का मूल्यांकन करना।

3/ जन जागरूकता अभियान:
पर्यावरण संरक्षण के लिए नागरिकों को जागरूक करने हेतु अभियान चलाना, जैसे मिशन लाइफ कार्यक्रम जिसमें लाखों लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली थी।

4/प्रदूषण नियंत्रण उपायों का क्रियान्वयन:
प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की पहचान कर उनके लिए नियंत्रण उपाय लागू करना।

5/ पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना:
राज्य और केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए पर्यावरणीय कानूनों और नियमों का पालन सुनिश्चित करना।

6/ शोध एवं विकास कायर्:
पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान हेतु अनुसंधान को बढ़ावा देना और नई तकनीकों को अपनाना।

7/ स्थानीय निकायों और संस्थाओं के साथ समन्वय:
नगर निगम, पंचायतों और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर पर्यावरणीय योजनाओं का क्रियान्वयन करना।

8/ प्रदूषणकारी इकाइयों पर कार्यवाही
जो इकाइयाँ पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करती हैं, उन पर दंडात्मक कार्रवाई करना।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का मुख्य कार्य पर्यावरण की रक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास को सुनिश्चित करना है। यह मंडल राज्य में पर्यावरणीय नीतियों के क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाता है लेकिन विगत पदस्थ सदस्य सचिव अरुण प्रसाद ने पदेन कर्तव्य का निर्वहन विधि अपेक्षानुसार नहीं किया है जो कि विधिक चुनौती देने की स्थिति में है .
अमोल मालूसरे
सामाजिक कार्यकर्ता

More Topics

सुंदर और चमकदार त्वचा पाने के लिए बनाएं ये नैचुरल क्यूब्स

लोग कई तरह के महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल...

गर्मियों में पारंपरिक और पौष्टिक पेय सत्तू शरबत रेसिपी

सत्तू शरबत एक पारंपरिक और पौष्टिक पेय है, जो...

चिरायु योजना से काव्या और गुनीत को मिला नया जीवन

महासमुंद। जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत...

आधुनिक तकनीक से खेती को बनाया नया मॉडल किसान मुकेश ने

बहु-फसली पद्धति के माध्यम से जैविक खेती को नया...

इसे भी पढ़े