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Saturday, March 21, 2026
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“सरकारी डीज़ल की लूट: सफाई के नाम पर निजी काम

निजी कामों में दौड़ रहे सरकारी ट्रैक्टर

रायपुर। राजधानी रायपुर के नगर निगम जोन-2 क्षेत्र से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए तैनात निगम के ट्रैक्टर अब कुछ प्रभावशाली लोगों के निजी कार्यों में उपयोग हो रहे हैं। इस पर पूर्व पार्षद और जोन-2 के पूर्व अध्यक्ष बंटी होरा ने निगम प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।

बंटी होरा ने बताया कि “निगम के ट्रैक्टर सफाई व्यवस्था के लिए जनता की सेवा में लगाए गए हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल निजी स्थलों पर किया जा रहा है। निगम का डीज़ल खर्च हो रहा है, लेकिन सफाई का काम अधूरा पड़ा है। यह जनता के टैक्स के पैसों की खुली बर्बादी और भ्रष्टाचार का सीधा उदाहरण है।”

स्थानीय निवासियों का कहना है कि गली-मोहल्लों में कचरा जमा रहता है, पर ट्रैक्टर और कर्मचारी कहीं और काम में लगे रहते हैं। नागरिकों ने सवाल उठाया कि आखिर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस गड़बड़ी को क्यों नजरअंदाज कर रहे हैं।

कर्मियों से भी निजी सेवा ली जा रही

सूत्रों के अनुसार, केवल ट्रैक्टर ही नहीं बल्कि निगम के कुछ सफाईकर्मी भी निजी कामों में लगाए जा रहे हैं। कई बार कर्मचारियों को प्रभावशाली लोगों के घरों और स्थलों पर काम करते देखा गया है। इस वजह से इलाके की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

डीज़ल का खर्च बढ़ा, सफाई गायब

बंटी होरा ने कहा कि निगम का डीज़ल खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा। “अगर संसाधन सही जगह इस्तेमाल हो रहे होते तो गलियां गंदगी से मुक्त रहतीं। यह साफ है कि कहीं न कहीं मिलीभगत से यह सब हो रहा है,” उन्होंने आरोप लगाया।

अन्य जोनों से भी उठे सवाल

केवल जोन-2 ही नहीं, शहर के अन्य जोनों से भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं। जोन-3 क्षेत्र में भी नागरिकों ने शिकायत की है कि सफाई गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचतीं और ट्रैक्टर अक्सर निजी कार्यों में इस्तेमाल होते हैं। वहीं जोन-5 क्षेत्र में भी सफाई कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने और निजी कामों में व्यस्त रहने की शिकायतें आई हैं। इससे राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है।

निगम प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप

इन घटनाओं के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार का मामला है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई न होने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

जांच और कार्रवाई की मांग

जोन-2 क्षेत्र सहित कई इलाकों के नागरिकों ने महापौर और आयुक्त से अपील की है कि इस मामले में तत्काल जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पूर्व पार्षद बंटी होरा ने भी चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो वे इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर जन आंदोलन का रूप देंगे।

नगर निगम पर उठ रहे इन आरोपों ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।

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