रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पर सब इंस्पेक्टर की पत्नी ने गंभीर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इस सनसनीखेज मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि, “चाहे वो IPS हो या IAS, अगर किसी पर आरोप लगता है तो उसकी जांच होगी और अगर जांच में दोष सिद्ध हुआ तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
डीजीपी से की गई शिकायत और जांच शुरू
- एक सब इंस्पेक्टर की पत्नी ने 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं।
- पीड़िता ने सीधे पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी से शिकायत की है।
- मामले की जांच की जिम्मेदारी आईजी आनंद छाबड़ा को सौंपी गई है।
- महिला ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए विभाग को कई डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं।
पीड़िता के गंभीर आरोप
पीड़िता ने उच्च पदस्थ अधिकारियों से की गई अपनी शिकायत में 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी पर बीते सात सालों से उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
- महिला का कहना है कि सरगुजा आईजी बनने के बाद अधिकारी ने उसे परेशान करना शुरू किया, और बिलासपुर आईजी बनने के बाद यह सिलसिला लगातार बढ़ता चला गया।
- शिकायत में पीड़िता ने यह आरोप लगाया है कि आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी अपनी पत्नी की ग़ैर-मौजूदगी में उसे बंगले पर बुलाते थे।
आईपीएस ने आरोपों को बताया ‘ब्लैकमेलिंग की साज़िश’
इस बीच, आरोपित आईपीएस अधिकारी ने इन सभी आरोपों को बदनाम करने और ब्लैकमेल करने की साज़िश बताया है।
- आईपीएस ने डीजीपी को एक लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने महिला पर ब्लैकमेलिंग का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
- उन्होंने दावा किया है कि महिला उन्हें जहर लेकर धमकी देने और वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी रखने जैसी शर्तें भी रखती थी।
- आईपीएस अधिकारी ने यह भी कहा कि महिला के शिकायत करने से पहले ही उन्होंने डीजीपी अरुण देव गौतम को पूरे घटनाक्रम का 14 बिंदुओं में ब्यौरा एक चिट्ठी में दे दिया था। इस चिट्ठी में उन्होंने महिला पर ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना, और आपराधिक धमकी के आरोप लगाए हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। डिजिटल साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आईजी आनंद छाबड़ा इस पूरे मामले की गहनता से जांच करेंगे।


