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Sunday, March 22, 2026
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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित वैश्विक शांति समरसता सम्मेलन में होगा सम्मान

पूरब टाइम्स राजनांदगांव। अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच एवं इंडो-नेपाल समरसता ऑर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में नेपाल की राजधानी काठमांडू में 28 एवं 29 दिसम्बर को भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर भव्य वैश्विक शांति समरसता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन में राजनांदगांव जिले के सुप्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य एवं समाजसेवी डॉ. (वैद्य) शिवशंकर जोशी को “एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान तथा सामाजिक सेवाओं के प्रति समर्पण के लिए प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मंच के मुख्य सलाहकार डॉ. कुलदीप शर्मा (एडवोकेट, ईस्ट वेस्ट लॉ फर्म, काठमांडू) ने बताया कि डॉ. जोशी को यह सम्मान नेपाल राष्ट्र में आयोजित वैश्विक शांति सम्मेलन में उनकी विशिष्ट उपलब्धियों और जनसेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए प्रदान किया जा रहा है। सम्मान समारोह नेपाल में स्थित रशियन कल्चर सेंटर में संपन्न होगा।
इस समारोह में नेपाल के कई वरिष्ठ गणमान्य अतिथि एवं अंतरराष्ट्रीय हस्तियां शामिल होंगी। मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल सरकार के प्रथम उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति आदरणीय परमानन्द झा, पूर्व सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश न्यायमूर्ति गिरीशचंद्र लाल, पूर्व उपसभापति इंद्रा राणा मगर, पूर्व उपप्रधानमंत्री उपेंद्र यादव, पूर्व उपप्रधानमंत्री विमलेंद्र निधि, पूर्व उपप्रधानमंत्री राजेन्द्र महतो, एवं रोमा इंटरनेशनल कल्चर यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के चांसलर डॉ. हुकुमचंद गनेशिया की गरिमामयी उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विष्णुहरि नेपाल (पूर्व राजदूत, जापान) ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच विश्व के 25 देशों में शांति, सद्भावना और मानवता के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। भारत और नेपाल के बीच आपसी संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस मंच की स्थापना की गई है।
कार्यक्रम में भारत और नेपाल सहित विभिन्न देशों के प्रतिभागी शामिल होंगे। आमंत्रित अतिथियों का स्वागत वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक सहयोग को नई दिशा देने पर भी विशेष चर्चा होगी।
राजनांदगांव के लिए यह गौरव का विषय है कि डॉ. शिवशंकर जोशी जैसे प्रतिष्ठित आयुर्वेदाचार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। उनकी उपलब्धि से न केवल प्रदेश, बल्कि संपूर्ण भारत का नाम रोशन होगा। यह आयोजन भारत और नेपाल के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने वाला सिद्ध होगा।

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