पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में हुए शामिल
देश में 50 ग्लोबल डेस्टिनेशन विकसित करने का लक्ष्य
चित्रकोट वाटरफॉल को ग्लोबल डेस्टिनेशन में शामिल करने पर बनी सहमति
रायपुर। लेकसिटी उदयपुर में पिछले दिनों आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सम्मिलित होकर राज्य केे पर्यटन संभावनाओं और योजनाओं पर केंद्र और अन्य राज्यों के मंत्रियों-अधिकारियों संग विचार-विमर्श किया। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को वन स्टेट वन डेस्टिनेशन में शामिल करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वॉटरफाल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
इस संबंध में उन्होंने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सम्मेलन में राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्री विभागीय सचिवों सहित सम्मिलित हुए। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘वन स्टेट-वन ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन‘ था, जिसके अंतर्गत प्रत्येक राज्य ने अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु प्रस्तुतिकरण दिया।
इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र शेखावत ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का योगदान अब भारत की जीडीपी में लगभग 6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो अगले कुछ वर्षों में 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में विश्व के शीर्ष दस पर्यटन देशों में शामिल होना है।
वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल इंडेक्स में भारत की रैंकिग 2014 में जहां 60 के आसपास थी, वहीं अब यह 39वें स्थान पर पहुंच गई है। यदि केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो अगले पांच वर्षों में भारत इस रैंकिंग को 20वें स्थान तक ला सकता है, और 10 वर्षों में शीर्ष दस देशों में अपना स्थान बना सकता है। इसके लिए केन्द्र सरकार ने 50 ग्लोबल डेस्टिनेशन विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होेंने कहा कि दो दिन के सम्मेलन में बहुमूल्य सुझाव मिले हैं, जो पीएम नरेन्द्र मोदी के वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगे।


