Total Users- 1,178,788

spot_img

Total Users- 1,178,788

Monday, March 23, 2026
spot_img

गृहमंत्री अमित शाह के स्पष्ट नीति एवं मजबूत इच्छाशक्ति से नक्सलवाद अंतिम सांसे गिन रहा है विकास मरकाम

रायपुर | भाजपा प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे पर प्रेस नोट जारी कर कहा केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार के मजबूत इरादों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसे गिन रहा है वे पूरी तरह घुटने पर आ चुके है। उन्होंने विश्वासपूर्वक कहा कि 31 मार्च 2026 के पूर्व ही बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाएगा। विकास मरकाम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को देश की आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ करने वाला राष्ट्रनायक बताया। पूर्वोत्तर से लेकर जम्मू कश्मीर और बस्तर तक माननीय अमित शाह जी के नेतृत्व में भारत शांति के टापू के रूप पहचाना जाने लगा है। उनके मजबूत विजन और निर्णायक निर्णयों से ही आज नक्सली बड़ी संख्या में समर्पण कर रहे, ऑपरेशन रोकने और वार्ता के लिए घुटने पर आ गए है।

विकास मरकाम ने राज्य के नेतृत्वशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भी खूब तारीफ की उन्होंने कहा प्रदेश में पहली बार एक आदिवासी मुख्यमंत्री बना है जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है। एक आदिवासी मुख्यमंत्री होने के कारण ही नक्सलियों में समर्पण को लेकर विश्वास बढ़ा है और समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की भी प्रभावी नीति अपनाई जा रही। जैसे PM आवास का लाभ देना, वनाधिकार पट्टा प्रदान करना, उनके बच्चों को आदिवासी आश्रम स्कूलों में दाखिला देना, स्वरोजगार हेतु ऋण एवं अनुदान देना, बस्तर फाइटर्स जैसे सुरक्षा बलों में भर्ती का अवसर देना, उन्हें प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता देना आदि इससे नक्सलियों ने तेजी से हथियार डालना प्रारंभ कर दिया है।

विकास मरकाम ने बस्तर को अपार संभावनाओं वाला बताया और कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी नक्सलियों की हिमायती है जो अर्बन नक्सलियों के साथ मिलकर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को सुभेद्य बना रहे थे। कांग्रेस पार्टी का कार्यकाल दो वजहों के लिए जाना जाएगा एक तो घोर भ्रष्टाचार और दूसरा बस्तर में नक्सलियों का विस्तार। लेकिन बस्तर के आदिवासियों ने कांग्रेस का नकली चेहरा पहचान कर उन्हें नकार दिया है।

आज बस्तर विकास की नई और आशावान मार्ग पर बढ़ रहा है। एक तरफ नियद नेल्लानार जैसी योजना से गांवों का सर्वांगीण विकास हो रहा है वहीं दूसरी ओर बस्तर के लोकपर्व एवं संस्कृति को जीवंत कर वैश्विक पहचान देने के बस्तर पंडुम 2025 का भी आयोजन हो रहा है। खेल कूद में प्रतिभावान खिलाड़ियों को नई ऊंचाई देने के लिए बस्तर ओलंपिक का भी आयोजन किया गया। वहीं बजट 2025-26 में 3200 बस्तर फाइटर्स की भर्ती की घोषणा भी की गई है जो युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए मानदेय प्रति मानक बोरा, 18 लाख PM आवास, महतारी वंदन योजना का लाभ, PM नल जल योजना के जरिए साफ पेयजल का लाभ सभी बस्तरवासियों को मिल रहा है जो न केवल दूरगामी लाभ देगा बल्कि बस्तर का भाग्य बदलने वाला भी साबित होगा।

More Topics

नवरात्रि व्रत में भी खा सकते है समा चावल का हेल्दी और स्वादिष्ट उपमा

नवरात्रि व्रत में साबूदाना और कुट्टू से हटकर कुछ...

इसे भी पढ़े