युक्तियुक्तकरण: प्राथमिक शाला फुलवारी में पढ़ाई हुई आसान

शिक्षकों की उपलब्धता से बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। युक्तियुक्तकरण के तहत जिले में जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, इससे अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है। इसी कड़ी में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत एकल शिक्षकीय स्कूल प्राथमिक शाला फुलवारी संकुल केन्द्र पदमपुर को दो अतिरिक्त शिक्षक मिल गए हैं, इससे विद्यार्थियों को शिक्षा की नई रोशनी मिली है।

प्राथमिक शाला फुलवारी की शिक्षिका चेतना साहू ने बताया कि पहले यहां कुल 95 बच्चों के लिए एक ही शिक्षक पदस्थ थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद तीन शिक्षक हो जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सार्थक कदम है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नवाचारों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।

युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। विद्यार्थियों के पालकों ने बताया कि पहले के मुकाबले बच्चे ज्यादा रूचि के साथ विद्यालय जा रहे हैं और पढ़ाई भी बेहतर ढंग से हो रही है। पालकों ने युक्तियुक्तरण योजना से स्कूलों में हुए शैक्षणिक बदलाव एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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