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Sunday, February 8, 2026
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शायरी कलेक्शन भाग 1 : मज़ेदार शायरी

नमस्कार, पिछले कई सालों से प्रत्येक रविवार को मैं ‘आशिकाना अन्दाज़’ में कभी ‘वो ख्वाबों के दिन’ लिखता या प्यार-मुहब्बत पर धारावाहिक लिखता था . उन कथाओं में शेर-ओ-शायरियों का शुमार होता था . मेरे अनेक सुधि पाठकों ने मुझसे अनुरोध किया कि अलग-अलग मौके पर काम आ सकने वाली शायरियों को प्रकाशित करें . जिनका संकलन , मौकों पर उनके द्वारा उपयोग किया जा सके . मैने 25 भाग में अलग अलग मिजाज़ की शायरियों का संकलन किया है . आज की शुरुआत मैं कुछ मज़ेदार शायरियों से कर रहा हूं . चाहे महफिल हो चाहे मंच , इस्तेमाल करें इन ‘ मज़ेदार शायरियों को…..

  1. हमने भी कभी प्यार किया था, थोड़ा नही बेशुमार किया था,
    दिल टूट कर रह गया, जब उसने कहा, अरे मैने तो मज़ाक किया था…
  2. धोखा मिला जब प्यार में, ज़िंदगी में उदासी छा गयी,
    सोचा था छोड़ दें इस राह को, कम्बख़त मोहल्ले में दूसरी आ गयी ..
  3. गिर कर महबूबा की बाहों मे ऐसा जोश आया
    बीवी ने देख लिया, फिर आईसीयू में होश आया..
  4. कफन हटा दो मेरे चेहरे से, 
    मुझे आदत है मुस्कुराने की…
    दफनाने वालो जरा रुको, 
    मुझे अब फिर से जागी है उम्मीद ,
    खाते में 15 लाख आने की..
  5. गिटार सीखा था,
    यारों उसको पटाने के लिए,
    आज ऑफर आया है,
    उसकी शादी में बजाने के लिये…
  6. ये जो लड़कियों के बाल होते हैं,
    लड़कों को फ़साने के जाल होतेहैं,
    खून चूस लेती हैं आशिक़ों का सारा,
    तभी तो इनके होंठ लाल होते हैं..
  7. मंजिल उन्हीं को मिलती है,
    जिनके हौसलों में जान होती है,
    और बंद भट्ठी में भी दारू उन्हीं को मिलती है,
    जिनकी भट्ठी में पहचान होती है..
  8. अगर मैं एक्ज़ामिनर होता
    तो देता नंबर दस में दस
    अदाओं के , नज़ाक़त के ,
    मुहब्बत के अलग देता..
  9. सुना है पागलखाने की दीवार फांदकर कुछ पागल फरार हो गए
    कुछ वापस चले गए और कुछ हमारे यार हो गए..
  10. छम छम करती आई थी , छम छम करती चली गई
    मैं सिंदूर लेकर खड़ा था , वो राखी बांधकर चली गई
  11. मैंने उसे दिल दिया महबूबा समझ कर
    उसने , उसे खा लिया खरबूजा समझ कर
    आगे दोस्ती, प्यार , धोखा , शराब –साकी, इंतज़ार , मंच में बोले जा सकने वाले शेर , अनेक गद्यांश भीआपकी सेवा में प्रस्तुत करूंगा ….

इंजी. मधुर चितलांग्या , प्रधान संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स



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