मुंबई। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महाराष्ट्र में MNS प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई में मार्च निकाला। दोनों नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की।
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर वह 2017-18 से सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या और मतदान में हुई कथित बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाया। राज ठाकरे ने विधानसभा चुनाव में लोकसभा की तुलना में करीब एक करोड़ अधिक वोट पड़ने के दावे की जांच की मांग की।
उन्होंने महाराष्ट्र में हुए SIR (Special Intensive Revision) को रद्द करने की मांग करते हुए दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में मतदाता जोड़े गए, जबकि अब SIR के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। राज ठाकरे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई।
वहीं, उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों के लिए है।
दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब देने की मांग की।


