अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स के विशाल रॉकेट स्टारशिप ने पहली बार पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया और 26 स्टारलिंक उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित किए। हालांकि, उड़ान के शुरुआती चरण में एक इंजन में खराबी आने के कारण 10 घंटे के निर्धारित मिशन को करीब तीन घंटे में ही समाप्त करना पड़ा।
स्पेसएक्स ने सोमवार को टेक्सास से स्टारशिप का प्रक्षेपण किया। रॉकेट ने लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए पृथ्वी की कक्षा हासिल की। इस दौरान उसने 26 उन्नत स्टारलिंक उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित किया। हालांकि, इंजन में खराबी के चलते सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मिशन को समय से पहले समाप्त करने का फैसला लिया गया।
योजना के मुताबिक, स्टारशिप को 10 घंटे में पृथ्वी के छह चक्कर लगाने थे, लेकिन वह केवल दो चक्कर ही लगा सका। इसके बाद यान ने प्रशांत महासागर में उतरने के लिए वापसी की। हवाई के उत्तर में समुद्र में उतरते समय यान पलट गया और उसमें आग लग गई।
स्पेसएक्स के अनुसार, शुरुआती चरण में एक इंजन में आई खराबी के बावजूद बाकी प्रणालियां काम कर रही थीं। कंपनी ने अत्यधिक सावधानी बरतते हुए उड़ान समाप्त करने का निर्णय लिया।
यह परीक्षण नासा के आर्टेमिस चंद्र मिशन के लिए स्टारशिप की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया था। स्टारशिप को भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह की यात्राओं के लिए विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, कंपनी इसका इस्तेमाल बड़ी संख्या में उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाने के लिए भी करना चाहती है।


